Author: संदीप कुमार सिंह

बेचारा रिक्सा वाला

वाह रे दुनियाँ, वाह! देख लिया तेरा न्याय बेबस, मासूम, लाचार रिक्सावाला से कैसा किया तू न्याय । दिन आज वो रिक्सा चलाया दो पैसा तो दिन मे पाया …

वर्षा भी कुछ कहती है

वर्षा भी कुछ कहती है इसके हर एक बूंद बूंद के हर शब्द मे अनेकों राज छुपाये रहती है वर्षा भी कुछ कहती है पनी से निकलते हल्के-हल्के मधुर …

दुखी प्राणी

जन्म के साथ ही सांसरिक कष्टों मे फँसता है प्राणी हर पल,हर घाड़ी बस पछताता है प्राणी । जीवन की घड़ियाँ बिताती है, पर कष्टो को झेल न पाया …

प्रेमी आसमान ।

शान्त रात्री मे, चाँदनी सी दिप लिए अपने हृदय को संभाले भीगे नयनो से निकल पड़ा मिलने वह अपनी प्यारी धरती से। पुकार रहा है वह अपनी हृदय से …

भ्रष्टाचार ।

चल रहा इस देश में, हर तरफ भ्रष्टाचार, आओ आज हाथ मिलायेँ यार, करे नव भारत का निर्माण । हिन्दू मुस्लिम आज बनो दीवार, हाथ मिलाकर उठाएंगे भार, कर …

प्रार्थना : हे भगवान ।

हे भगवान ! दिल से पहली बार निकली है ये बात, दिल मे है श्रद्धा और मन मे है विश्वास, खुदा तुम्ही हो तुम्ही हो भगवान, बुद्धि देना हमे …

अधूरा सपना ।

समय का होता मुझपे बार-बार प्रहार, मजबूरीयों में गिरता-पड़ता मै हूँ बेहाल, काम न आऐ मेरा कोई भी यार, फिर भी मै करता सब से प्यार, सब से प्यार। …

वो दो-चार पल ।

जब मिले थे हम तुमसे, सोंचा न था यह हमने, हो जाएगी हम दोनों में, अच्छी और प्यारी सी दोस्ती । जबसे हुई मुलाक़ात हमारी, तुम ही सुबह और …

आज का प्यार : दो पल के ।

तस्वीर जिसकी है नजर के सामने, रहती है वह मेरे दिल के सामने, जिंदगी में कभी वह मिले न मिले, पर रहती है वह मेरे, नजर के सामने। वो …

वर्षा रानी जल्दी आना ।

वर्षा रानी जल्दी आना, आकर सब की प्यास बुझाना, थोड़ी- थोड़ी ही तुम आना, आपने दर्शन देती जाना । पता तुम्हें क्या बीत रही है, इन धधकती ज्वालों में, …

शिक्षा सबका अधिकार ।

ज्ञान का भंडार, हर बच्चो का अधिकार । धनी, गरीब सबका अधिकार, सबको शिक्षा मिले समान । अंधकार को हटाना है, शिक्षा का जोत जालना है। शिक्षा सब को …

क्यों वह मुझसे मिलने न आयी…?

क्यों वह मुझसे मिलने न आयी…? काश कहीं वो नजर आ जाऐ मेरे दिल को भी चैन आ जाऐ एक बार मुशकुरा के चली जाऐ सारा दिन खुशियों से …

मैं भोजपुर से आयी हूँ ।

मैं भोजपुर से आयी हूँ । भोजपुर से आयी हूँ मैं भोजपुरिया मेरा नाम भाषा को मधुर बनाती हूँ मैं मधु-रस भरना मेरा काम । होटो से तू छूले …