Author: SAMAR NATH

पलकें

दृग पट प्रिय पिटारी पलकें, पुलकित प्यारी प्यारी पलकें, नयनकेश के तीर सजाये, काम कमान तुम्हारी पलकें ..   भोर पहर अलसायी पलकें, मन मोहिनी मदमायी पलकें, होगा ना …