Author: SALIM RAZA REWA

तुमको प्यार करते थे तुमको प्यार करते हैं – GAZAL SALIM RAZA REWA

तुमको प्यार करते थे तुमको प्यार करते हैं        जां निसार  करते थे जां  निसार करते  हैं  !       ख़ुश रहे  हमेशा  तू  हर ख़ुशी मुबारक  हो   ये दुआ  खुदा से  हम बार – बार  करते हैं ! …

क्यूँ  कहते हो कोई कमतर होता है – GAZAL SALIM RAZA REWA

Gazal क्यूँ  कहते हो कोई कमतर होता है  दुनिया  में  इन्सान बराबर होता है  पाकीज़ा  जज़्बात  है  जिसके सीने में  उसका  दिल  भरपूर मुनौअर होता है  ज़ाहिद का क्या काम …

माना की लोग जीते हैं हर पल खुशी के साथ – GAZAL SALIM RAZA REWA

माना की लोग जीते हैं हर पल खुशी के साथ  शामिल है जिंदगी में मगर ग़म सभी के साथ ! आएगा मुश्किलों में भी जीने का  फ़न  तुझे  कूछ दिन गुज़ार ले तू …

मोतियों की तरह जगमगाते रहो – GAZAL SALIM RAZA REWA

GAZAL ! मोतियों की तरह जगमगाते रहो  बुल बुलों की तरह चहचहाते रहो ! जब तलक आसमां में सितारें रहें  ज़िंदगी भर सदा मुस्कुराते  रहो ! इन फ़िज़ाओं में मस्ती सी छा जाएगी  अपनी …

सिर्फ खुशियां न मेरे संग में मनाने आए  SALIM RAZA REWA

    oo ग़ज़ल oo सिर्फ खुशियां न मेरे संग में मनाने आए  साथ मुश्किल में भी वो मेरा निभाने आए !  प्यार के  मारे  हुए कितने  दिवाने आए  दर्दे  दिल …

सुब्ह रंगी शब् सुहानी हो गई,जब से उसकी SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल gazal सुब्ह रंगी शब् सुहानी हो गई जब से उसकी मेह्ररबानी हो गई आप की नज़रें इनायत क्या हुई महकी – महकी ज़िन्दगानी हो गई उसने देखा प्यार …

हँस दे तो खिले कलियाँ गुलशन में बहार आए SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल हँस दे तो खिले कलियाँ गुलशन में बहार आए वो ज़ुल्फ़ जो लहराएँ मौसम में निखार आए मिल जाए कोई साथी हर ग़म को सुना डालें बेचैन मेरा …

हरेक शै से ज़ियादा वो प्यार करता है SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल – हरेक शै से ज़ियादा वो प्यार करता है तमाम ख़ुशियाँ वो मुझपे निसार करता है मैं दिन को रात कहूँ वो भी दिन को रात कहे वो …

दर-दर फिरते लोगो को दर दे मौला – SALIM RAZA REWA

दुआ 15-10-2015 दर-दर फिरते लोगो को दर दे मौला, बजांरों को भी अपना घर दे मौला ०० जो औरों के खुशिओं में खुश होते हैं, उनका भी घर खुशिओं …

न मुश्किलों से न ज़ोरे जफ़ा से डरते हैं SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल न मुश्किलों से न ज़ोरे जफ़ा से डरते हैं, ग़में हयात की काली घटा से डरते हैं, कभी वफ़ा से कभी बे वफ़ा से डरते हैं, निग़ाहें नाज़ …

कौन अंगारो से बचकर के निकल जाता है SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल कौन अंगारो से बचकर के निकल जाता है हांथ शोलो पे जो रखता है वो जल जाता है ज़िन्दगी में वो बहुत आगे निकल जाता है वक़्त के …

अपने हसीन रुख़ से हटा के नक़ाब-SALIM RAZA REWA

GAZAL अपने हसीन रुख़ से हटा के नक़ाब को शर्मिंदा कर गए हैं शबे माहताब को बदकारियों पे इतना न इतराए कभी रखता है वो सभी के हिसाबो किताब …

ज़िंदगी का सहारा मिले न मिले SALIMRAZA REWA

gazal ग़ज़ल ज़िंदगी का सहारा मिले ना मिले साथ मुझको तुम्हारा मिले ना मिले आज तुमको गले से लगा लू सनम फिर ये लम्हें दुबारा मिले ना मिले खूने …

थोड़ा कमतर थोड़ा बेहतर होता है – GAZAL SALIM RAZA REWA

थोड़ा कमतर थोड़ा बेहतर होता है  लेकिन हर इन्सान बराबर होता है ! अपना बनकर जो भी  धोखा देता है  बुज़दिल होता है वो कायर होता है ! शेर ग़ज़ल के …

रिश्ते वफ़ा के सब से निभाकर तो देखिए SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल रिश्ते वफ़ा के सब से निभाकर तो देखिए सारे जहाँ को अपना बनाकर तो देखिए इसका मिलेगे अज़्र खुदा से बहुत बड़ा भूखे को एक रोटी खिलाकर तो …

रहते हैं इस ज़मीन मे अम्नो -SALIM RAZA REWA-GAZAL

रहते हैं इस ज़मीन मे अम्नो अमाँ से लोग करते हैं प्यार  गुलशने  हिंदोस्ताँ  से लोग ! पाते हैं चैन आपके सब  आस्ताँ  से  लोग चौखट  पे तेरे  आते है सारे …

प्यार हुआ है जबसे बातों बातों में -GAZAL SALIM RAZA REWA

    !!ग़ज़ल !! प्यार हुआ है जबसे बातों बातों में !! उनकी ही खुश्बू है मेरी सांसों में !! पनघट में गुलशन में सब्ज़ा ज़ारों में !! वो …

राह पर सदाक़त के  गर चला नहीं होता – SALIM RAZA REWA

    ग़ज़ल राह पर सदाक़त के गर चला नहीं होता – सच हमेशा कहने का हौसला नहीं होता – कोशिशों से देता है रास्ता समंदर भी- हौसला रहे …

कहीं पे चीख होगी और कहीं किलका SALIM RAZA REWA

GAZAL कहीं पे चीख होगी और कहीं किलकारीयाँ होंगी अगर हाकिम के आगे भूख और लाचारियाँ होंगी अगर हर दिल में चाहत हो शराफ़त हो सदाक़त हो मुहब्बत का …

मेरा मज़हब यही सिखाता है – SALIM RAZA REWA

ग़ज़ल .. मेरा मज़हब यही सिखाता है सारी दुनिया से मेरा नाता है ज़िन्दगी कम है बाँट ले खुशियाँ दिल किसी का तू क्यूँ दुखाता है हर भटकते हुए …