Author: Muskaan

गजल २

राहो की पगडंडियों पे थक गए हम चलते हुए, तू थाम ले दामन सरे राह तो कोई बात हो ।। सूरज तो रोज़ ही निकलता है दुनिया के लिए, …

ग़ज़ल

मौत ले गयी सारे जख्मों को अपने आग़ोश में, दर्द साँसों का निगल गयी अपने एक निवाले में ।। बहुत की मिन्नतें मैंने जमाने के बाशिंदों से रोक लो …

ये बता

जिन्दगी का है क्या भरोसा ये बता, हर खुशी है तेरी क्या सजा ये बता !! आन्ख नम होती जब होती खुशी क्यो बता, रोता है दिल भी ये …

शायरी

एक बात मेरी सुन लेना, और गान्ठ बान्ध रख लेना!! दिल की बात अपने कभी न सुन लेना, गलती से भी तुम इसके कहे रस्ते पे न चल देना …

एक सवाल …

एक सवाल झन्झोड रहा है म्रे मन को बार बार, शादी के रिश्ते का आखिर क्या है सार !! अपने सालों पुराने रिश्तों को छोड कर आती है एक …

शायरी

सब कछ् अपना निसार कर दिया उन्हे फिर भी वो अपने ना हुए, फिर भी तुम अकेलेपन से डरते हो,जिन्दगी भर के झूठे साथ के दर्द मे क्या रखा …

क्या ?

किसी को याद करने का सिला- क्या? किसी को प्यार करने का गिला- क्या? दे के जिन्दगानी अपनी मिला- क्या? दिल मे है तूफान कोई हिला- क्या? रास्तो मे …

शायरी

दर्द का हमसे एक रिश्ता गहरा था, वो जिसे समझा था अपना, वो मेरा सपना था !! राहों की तन्हाई का गम नही, पर जिसने वो राहे तन्हा की …

शायरी

मेरे दिल को लूटने वाले, ये ना सोचना रब देख नहीं रहा !! ये मेरी ही दुआओं का असर है, कि वो तुझे अब तक इस दुनिया से उठा …

बारिश

बारिश यादें दे जाती है, ना जाने कितनी सौगाते दे जाती है, हम भूल भी जाये उन्हे , लेकिन ये कम्बख्त बारिश हमें उनके करीब ले जाती है !!

शायरी

जिन्दगी दूसरों की सदा अच्छी लगती है, अपनी गलती सदा छोटी लगती है, हम तो पछताए प्यार करके, और जमाने को मोहब्बत अच्छी लगती है !!

दिल

लाख बचा लो इस दिल को ये खो ही जाता है, किसी ना किसी का हो ही जाता है, जमाना लगाये कितने ही पहरे इस दिल पे, पर ये …

रब

जो बेवक़ूफ़ बनाता है जग को , रब उसको बेवक़ूफ़ बनाता है !! जितना भी धन कमाया गलत तरीको से, काम उसके नही आता है !! जितना भी रुलाया …