Author: raquimali

मगर, वह है कि नहीं आती (भाग-3)…Raquim Ali

भाग-3 29.06.2017, सुबह: पांच दिन के बाद जब मैं निवास पर वापस अकेले लौटा: दो बच्चे आँखे बंद, घोंसले में सुस्त पड़े दिखे मुझको तीसरे अंडे का क्या हुआ, …

हमसे कोई क्या टकराएगा..Raquim Ali

सिक्किम,  अरुणाचल की छोड़ो चीन, एक इंच भूमि न ले पाएगा किसी भी देश की क्या जुर्रत है, भारत को जो आँख दिखाएगा? भारत महाबली, परमाणु-सम्पन्न है, अब कमजोर …

कवि पति – समझदार पत्नि: संवाद…Raquim Ali

‘कवि पति – समझदार पत्नि’ संवाद ( नींद में, कवि) पति : ‘ख़ूबसूरत सा मेरा ख़्याल है, यही चल रहा है मेरे मन में खूबसूरत तेरा भी ख्याल होगा, …

अब तक वे एक नहीं हो पाए हैं…Raquim Ali

आसमान, जमीन, सितारे, शय्यारे, सूरज, खला समुन्दर, पहाड़, नदियां, झील, पानी, चाँद, हवा; जो सब ये चीजें आज मौजूद हैं, कभी तो पैदा किए गए होंगे कोई तो होगा …

‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद…Raquim Ali

(‘मगर, वह है कि नहीं आती’ के बाद) भाग-2 (07.06.2017) कुछ दिनों बाद: वो बुलबुल फिर से खाली पड़े कमरे में आने लगी थी पुराने घोंसले पर बैठ जाती …

मुस्कुराहट…Raquim Ali

मुस्कुराहट 1. अपनों की: देखीं, ख़ुशी की कभी शरारत की मुस्कुराहटें। ममता भरी जो मुस्कराहटें थीं अभी याद हैं। डांट से युक्त वालिद की मुस्कानें लाज़वाब थीं। ………………………. 2. …

गैया मैया के क़ातिल कौन?… Raquim Ali

गैया मैया के क़ातिल कौन? गैया मैया के क़ातिल कौन? मुझे भी है फ़िक्र, मैंने इस पर किया खूब सोच-विचार खंगाला, तो इस नतीज़े पर पहुंचा, मेरे भाई, मेरे …

ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं…Raquim Ali

*ख़ुदा उनके, वे ख़ुदा के क़रीब रहते हैं* इल्म व आमाल से, जो हैं रोशन जिंदा हैं वे, जिंदग़ी है उनकी वाज़ करते हैं जो सीधी राहों की और …

वाह रे इंसान-Raquim Ali

…भाग -१… वाह रे इंसान कहां पहाड़-समंदर-गहरी खान छोटा-सा कद, पर लेता है सबको छान आकाश छू लेने का पाले रहता अरमान! प्रतिफल है उसकी प्रबल इच्छा-शक्ति का दुनिया …

बहुत मुश्क़िल है, उन्हें पा जाना… Raquim Ali

बहुत मुश्क़िल है बेलगाम नौकरशाही को पटरी पर ला पाना। बहुत मुश्क़िल है किसी से, बिना दबाव के नुक़्ते भर का सुधार करवा पाना। बहुत मुश्क़िल है गर्दिश में …

टिमटिमाता हुआ, एक चिराग़ … Raquim Ali

अगर, घनघोर घटा छाई हो आंधियां चल रही हों बारिश मूसलाधार हो; अगर, अमावस की रात हो हर सिम्त में फैला हुआ बेइंतहा अंधकार हो। अगर, मेरे हाथ में …