Author: ramakant yadav

गजल – अँधेरा कितना भी होगा

अँधेरा कितना भी होगा तुम्हारे दिल मेँ सब मिट जायेगा, सिर्फ एक प्यार का दीप जलाकर देखो! रिश्ता खुद-ब-खुद बन जायेगा सिर्फ एकबार दिल लगाकर देखो! गैरोँ की तरह …

लघुकथा- अँदर कुछ और बाहर कुछ

बेरोजगारोँ को रोजगार देने वाला सूरत शहर अपने कपडे उद्योग के लिये प्रसिद्द है! उसी शहर मे एक त्रिवेणी सिनेमाहाल है! जहाँ हजारो दर्शक अपना मनोरँजन करने जाते हैँ! …

प्यार की कीमत

बेवफओँ का गुणगान यहाँ आशिक की इज्जत कोई नहीँ, छोड अब प्यार मोहब्बत यारा यहाँ प्यार की कीमत कोई नहीँ! बेवफा क्या किसी को मै कहूँ बेवफा अपनी तकदीर …