Author: Raja Nitin Parihar

अस्थि विसर्जन

मोहोब्बत प्यासी एक झलक ज़रा सी देखने को मचले सच की सीमायें पर चाहत मेरी सुहागन दासी चुप सब सहके भी प्रेम बरसाएँ आत्मा नभ की निर्मल निवासी सुनने …

जन गण मन – राष्ट्र गान

जन गण मन अधिनायक जय हे भारत भाग्य विधाता पंजाब सिन्ध गुजरात मराठा द्राविड़ उत्कल बंग विन्ध्य हिमाचल यमुना गंगा उच्छल जलधि तरंग तव शुभ नामे जागे तव शुभ …

सुख दुःख दोनों रहते जिसमे – कभी धुप कभी छाँव (1965)

सुख दुःख दोनों रहते जिसमे जीवन है वो गाँव कभी धुप कभी छाँव कभी धुप तो कभी छाँव कभी धुप कभी छाँव कभी धुप तो कभी छाँव भले भी …

आज के इस इंसान को ये क्या हो गया – अमर रहे ये प्यार (1961)

आज के इस इंसान को ये क्या हो गया इसका पुराना प्यार कहाँ पर खो गया कैसी यह मनहूस घडी है, भाईओं में जंग छिड़ी है कहीं पे खून कहीं …

मुखड़ा देख ले प्राणी – दो बहनें (1959)

मुखड़ा देख ले देख ले मुखड़ा देख ले प्राणी ज़रा दर्पण में हो देख ले कितना पुन्य है कितना पाप तेरे जीवन में देख ले दर्पण में मुखड़ा देख …

सूनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो

सूनो द्रोपदी शस्त्र उठा लो, अब गोविंद ना आयंगे छोडो मेहँदी खडक संभालो खुद ही अपना चीर बचा लो द्यूत बिछाये बैठे शकुनि, मस्तक सब बिक जायेंगे सुनो द्रोपदी …

दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले – दश्हरा (1956)

दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले तेरे दुःख दुर करेंगे राम दूसरों का दुखड़ा दुर करनेवाले तेरे दुःख दुर करेंगे राम किये जा तू जग में भलाई का काम तेरे …

वन्दे मातरम् – राष्ट्र गीत

वन्दे मातरम्। सुजलां सुफलां मलय़जशीतलाम्, शस्यश्यामलां मातरम्। वन्दे मातरम् ।।१।। शुभ्रज्योत्स्ना पुलकितयामिनीम्, फुल्लकुसुमित द्रुमदलशोभिनीम्, सुहासिनीं सुमधुरभाषिणीम्, सुखदां वरदां मातरम् । वन्दे मातरम् ।।२।। कोटि-कोटि कण्ठ कल-कल निनाद कराले, कोटि-कोटि …

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की – जागृति (1954)

आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झाँकी हिंदुस्तान की, इस मिट्टी से तिलक करो ये धरती है बलिदान की वंदे मातरम … वंदे मातरम … उत्तर में रखवाली करता पर्वतराज विराट …

हम लाए हैं तूफ़ान से कश्ती निकाल के – जागृति (1954)

पासे सभी उलट गए दुश्मन की चाल के अक्षर सभी पलट गए भारत के भाल के मंज़िल पे आया मुल्क हर बला को टाल के सदियों के बाद फिर …

दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिन्दुस्तान हमारा है – किस्मत (1943)

आज हिमालय की चोटी से फ़िर हम ने ललकारा है दूर हटो ऐ  दूर हटो ऐ दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिन्दुस्तान हमारा है दूर हटो ऐ दुनिया वालों हिन्दुस्तान …