Author: Prince Seth

कुछ लिखकर, कुछ मिटा दिया करता हूँ…

कुछ लिखकर, कुछ मिटा दिया करता हूँ बिना वजह, कलम चला दिया करता हूँ लिख जाती है अक्सर,दिल में दबी बाते सारी जो खुद में रख खुदी भुला दिया …

चलो माना कि मैं तेरे प्यार का हकदार नही…

चलो माना कि मैं तेरे प्यार का हकदार नही बस तू ये मत कह कि तुझको, मुझसे प्यार नही वर्ना दुनिया ड़ूब जाएगी मेरी आँखो के पानी से खुद …

ये वक्त की माया है जो हर तरफ अंधेरा छाया है…

ये वक्त की माया है जो हर तरफ अंधेरा छाया है हर बुरे वक्त के बाद, अच्छा वक्त भी तो आया है ईश्वर ने क्या सिस्टम बनाया है सब …

जो खुद ना समझा,वो दुनिया को समझाना चाह रहा हू मैं…

जो खुद ना समझा,वो दुनिया को समझाना चाह रहा हू मैं असफल रहा, फिरभी सफलता के बारे में बता रहा हू मैं मंजिल क्यो दूर रही, हर बार, बस …

हे प्रभु! आपकी माया ना अब तक कोई समझ पाया…

हे प्रभु! आपकी माया ना अब तक कोई समझ पाया जिस इन्सानो को आपने है बनाया, उन्होने ही अाज,आपको बचाने का संकल्प है उठाया ना जाने इस भ्रम मे …

नहीं चाहिये मन्दिर-मस्जिद, ना गीता, ना कुरान हमे…

नहीं चाहिये मन्दिर-मस्जिद ना गीता, ना कुरान हमे नहीं चाहिये धन व दौलत ना इंसानियत की जान हमे !! ना आतंक हो,ना डर का साया कुछ ऐसा चाहिये, इन्तेजाम …