Author: प्रीतम

वो संग दिल …..

वो संग दिल मेरे सांचे में ढल नहीं पाया मेरा महताब उसकी आगोश में पिघल नही पाया वादा तो था उम्र भर साथ निभाने का  मगर मेरा हमसफ़र राहे–जिंदगी में मेरे साथ चल नही पाया!!