Author: पियुष राज

हम अपनी कलम से हिंदुस्तान लिखते है …. (पीयूष राज)

मुक्तक हम ना हिन्दू ना मुसलमान लिखते है हम ना गीता ना कुरान लिखते है दिल की जज्बातो को शब्दों में पिरोकर हम अपनी कलम से हिंदुस्तान लिखते है …

अभी पूरा आसमान बाकी है …

अभी पूरा आसमान बाकी है असफलताओ से डरो नही निराश मन को करो नही बस करते जाओ मेहनत क्योकि तेरी पहचान बाकी है हौसले की उड़ान मत कर कमजोर …

जब ख्वाबों में तुम आती हो..(पियुष राज)

🌹👸🏻💓 *जब ख्वाबों में तुम आती हो…*💓👸🏻🌹 कल मैंने ख्वाबों में देखा तुम मेरे पास हो आई हाथ पकड़कर मेरा तुम साथ निभाने की कसमें खाई जब तेरे पास …

अब इस दुनिया में रिश्ता निभाता है कौन….

इस मतलबी दुनिया में अब याद आता है कौन फुर्सत में भी अब एक-दूजे के घर जाता है कौन अब दूसरों की परवाह नही सब अपने में व्यस्त इस …

माँ के चरणों में चारों धाम….(पियुष राज)

ईश्वर को कहाँ ढूंढे रे बंदे ईश्वर ही माँ का दूजा नाम वो ही कृष्ण है वो ही राम माँ के चरणों में चारो धाम उसी की गोद में …

एक अजनबी से इतना प्यार क्यों है..-पियुष राज

उस अजनबी से जुदा होने का मुझे मलाल क्यों है ना चाह कर भी हर वक़्त दिल में उसका ख्याल क्यों है कुछ कसूर तो उसकी अदाओं का भो …

कुछ पल मेरे साथ बिताओ तो कभी…-पियुष राज

विधा-ग़ज़ल काफिया-ओ रदीफ़-तो कभी ************************* चाहती हो मुझे अगर बताओ तो कभी देख कर मुझको मुस्कुराओ तो कभी यूँ ना तड़पाओ तुम इतना दिल को मेरे हाल-ए-दिल अपना सुनाओ …

होली के रंग मोदी के संग…..-पियुष राज

होली के रंग मोदी के संग   कही उड़े रंग तो कही उड़े गुलाल यूपी में साईकिल का हो गया बुरा हाल साईकिल में बैठकर राहुल ने लगा दी …

शायरी-2 पियुष राज

हुस्न के पीछे भाग रही दुनिया बेनूर चेहरे पर अब फूल नही खिलते दिल तो एक जैसा है सबका,फिर भी सच्चे मोहब्बत करने वालों को दिल के किराएदार नहीँ …

शायरी-1 -पियुष राज

हम तारीख देखकर मोहब्बत का इज़हार नहीँ करते.. हम हसीन चेहरा देखकर प्यार नही करते… हम तो फ़िदा है उनकी मासूमियत पर…. वरना हम यूँ ही अपना दिल किसी …

परीक्षा का मौसम…-पियुष राज

Exam Special Poem परीक्षा का मौसम…. सर्दी अच्छी है,गर्मी अच्छी है बरसात में नहीँ है कोई गम सबका सर है चकराने लगता जब आता है परीक्षा का मौसम पढ़ने …

वो रास्ता… पियुष राज

वो रास्ता.. जिस रास्ते से गुजरती थी वो वो रास्ता मुझे उसकी याद दिलाता है जब भी गुजरता हूं उस रास्ते से तो उसका चेहरा मेरी आँखों में आता …

अनमोल है बेटियां…-पियुष राज

अनमोल है बेटियां अगर बेटे हीरा है तो हीरे की खान है बेटियां अपने घर-गांव-देश की पहचान है बेटियां अगर बेटे सूरज है तो गंगा की अविरल धारा है …

मेहनत करना सीखो….-पियुष राज

मेहनत करना सीखो… जरुरी नहीँ की सफलता एक बार में हासिल हो पहले तुम देखो तुम कितना उसके काबिल हो बार-बार असफल होने पर भी ना हो कभी निराश …

नववर्ष की बधाई….-पियुष राज

नववर्ष की बधाई… दुनिया आगे बढ़ती रही बढ़ती रही समय की चाल खट्टी-मीठी यादों के साथ बीत गया यह साल… कुछ पाया ,तो कुछ खोया कभी हँसा ,तो कभी …

डिजिटल क्रांति का दौर…-पियुष राज

  डिजिटल क्रांति का दौर… विकसित होने की राह में बढ़ रहा है भारत देश सारे लेन-देन होंगे अब से कैशलेस सारी सुविधाएं ऑनलाइन होंगी अब नही लगेगा कतार …

मेरे हर दर्द की ,तू ही एक दवा है…(Part-1)–पियुष राज

मेरे हर दर्द की ,तू ही एक दवा है… Part-1 चाहे क्यों ना दे ये दुनिया कितने भी जख्म मुझे मुझसे जुदा नहीँ कर सकता कोई भी तुझे ये …

मत बैठो कभी खाली…-पियुष राज

मत बैठो कभी खाली… अपने जीवन में खुशियों की तुम बढ़ाते रहो डाली कुछ-ना-कुछ करते रहो मत बैठो कभी खाली अपने जीवनकाल में जो समय को व्यर्थ गवांते वे …