Author: मनुराज वार्ष्णेय

फिर दस्तक देती है मस्ती मेरे दिल के गांव में – मनुराज वार्ष्णेय

फिर दस्तक देती है मस्ती मेरे दिल के गांव में छोड़ गमो की सड़कों को मैं लेटा आनंद की छाव में बहुत तड़पा हूँ प्यार में पड़कर क्या क्या …

सफलता बड़ी या अपने – मनुराज वार्ष्णेय

सफलता ऐसी हो जिसका दूर दूर तक नूर हो जाये कर्म ऐसे करो जो दूर दूर तक मशहूर हो जाये आगे बढ़ते बढ़ते बस इतनी बात का ध्यान रखना …

एक शाम बेवफाई के नाम- मनुराज वार्ष्णेय

छोड़ कहाँ तुम चले गए हो और कहाँ तक जाओगे उम्मीद रखूँ मैं लौटने की या जीवन भर तड़पाओगे मदिरा बनेगी मेरी साथी दिन रात मैं इसको पीऊंगा रूठ …

बसंत सा प्यार – मनुराज वार्ष्णेय

आज पूछ रहे है ये लोग कि अब हम शायरियाँ नही लिखते है हर पल खुश रहते है ऐसा क्या हुआ जो अब उदास नही दिखते है उन लोगों …

विरह का साथी – मनुराज वार्ष्णेय

बगीचे मे बैठा था यादों में खोया था तभी एक तितली मेरे पास आकर बैठ गयी शायद कुछ कहना चाहती थी अपना हाल सुनाना चाहती थी पर मैं तो …

लगता है देश में फिर से चुनाव आ गया -मनुराज वार्ष्णेय

गूँज उठी है धरती मेरे प्यारे हिंदुस्तान की निकल पड़ी है रैली राजनीति के शैतान की उठ रहा है अँधा धुआँ चलती सर्द हवाओं से रचा जा रहा नया …

यादों की बारात – मनुराज वार्ष्णेय

सब कुछ होते हुए भी बंदिशों में गुजारा किया करते है रसपान को छोड़ कर जहर का घूँट पिया करते है दिल की बीमारी से जूझ रहे है फिर …

हो जाये चहु और उजाला ऐसा मुझको इक चिराग मिल जाये- मनुराज वार्ष्णेय

माँ अपने ईश्वर से मांगे मेरी राह में भी एक फूल खिल जाये महकाये वो देश का दामन चाहे मेरी राह में शूल बिछ जाये चमक जाये धरती का …

दो पल कर लो प्यार प्रिये मेरा मुझ पर कोई अधिकार नही

पुरुस्कार कोई स्वीकार नही तुमसे बढ़कर कोई उपहार नही जीना मारना कुछ भी तो नही तुमसे भिन्न कोई सार नही हर रंग तुम्हारा स्वीकार मुझे कोई भी प्रतिकार नही …

मोहब्बत का सबसे बड़ा दुश्मन – मनुराज वार्ष्णेय

तेरे आने से दुश्मनी की जंजीरों में जकड चुका हूँ ये दुनिया मिलने न देगी हमें ये बात समझ चुका हूँ खुदा की रहमत का ही आसरा है अब …

प्यार का नशा – मनुराज वार्ष्णेय

मेरे सपनों में आकर के मुझे पागल बनाती हो मेरे मकसद को छुड़ाकर मुझे कायर बनाती हो तेरी ही याद में खोकर मेरा सूरज ढलता है तुम सच में …

प्यार का एहसास – मनुराज वार्ष्णेय

परीक्षा हॉल में हम उनसे मिले तो मन किया आज सब कुछ उनको बता दे प्यार मोहब्बत कितना उनसे करते है ये सब बातें आज उनको जता दे दिल …

कामयाबी का सूत्र – मनुराज वार्ष्णेय

ईश्वर की आराधना में बहुत शक्ति होती है माँ बाप की सेवा ही सच्ची भक्ति होती है दुनिया के बन्धनों में फँसकर कुछ नही मिलता भवपार आकर के ही …

सफ़र ख़त्म हो चुका – मनुराज वार्ष्णेय

सफ़र ख़त्म हो चुका रूह उसकी सो चुकी जान मेरी जा चुकी कुछ नही अब और बाकी जिंदगी नर्क हो चुकी प्यार के आसमां को झुका सफ़र ख़त्म हो …

प्रिय अब तुम वापस आ जाओ

प्रिय अब तुम वापस आ जाओ अपने स्पर्श से मेरे इस दुर्बल ह्रदय के आघातों को भर जाओ प्रेम सागर में डूबी कश्ती को अब तुम अपना सहारा दे …