Author: manoj charan

कोशिस करने वालो की हार नहीं होती

कोशिस करने वालों की कभी हार नहीं होती, घर से भाग निकले उनकी कोशिस कभी प्यार नहीं होती, करे भले ही शादी, पर शादी वो खुशग्वार नहीं होती, गृहस्थी …

माँ भारती रै भाल री रुखाल कुण करै

माँ भारती रै भाल री रूखाल कुण करै, घर रा ही जद खाडा खोदै बानै कुण भरै। उतराधी दिखणनादी देखो, अगुणी आथूणी मै, लाय लागरी लपटा उठे, देखो च्यारु …

बरस भाईड़ा बरस

बरस बरस तूँ बरस भाईड़ा, जे नहीं बरसैला, तो म्हारा करसा तरसैला। सूनी-सूनी धरती है, खेत पड्या परती है, कोठ्या माँही बीज पड्या, बीजीया खूंटया पै धरया, रास-पुराणी बता …

अपनों की छाया से डरते

जो पीठ में खंजर घोंपे अपने उम्मीद करें क्या गैरों से, बैसाखी लेकर चले क्या, अब लाचार हो गए पैरों से, चीते-सी फुर्ती चली गई, पस्त हुए हौसले जो …

दिनूगे जद मोड़ो जागूँ

दिनूगे जद मोड़ो जागूँ, माँ मनै खोटी सुणावे, सारी रात ओ टीवी देखै मनै रातूँ नींद नी आवै, दिनूगे ओ मोड़ो जागै मरीलियो मनै खोटी खावै, ईं छोरै मैं …

श्री हनुमान स्तुति

जय-जय-जय हनुमंत हठीले, जय-जय-जय कपिसुत रंगीले। जय-जय-जय कपिसुत हनुमंता, जय-जय-जय रावणसुत हंता।। हे हनुमान महान हितकारी, एक हाथ से लंकनी मारी। एक कूद में कूदे सागर, एक बार में …

जय शिव !

जय-जय-जय शिव शंकर शम्भो, जय-जय-जय भोलेनाथ प्रभो, हर-हर गौरीनाथ प्रभो, कर-कर कस्टो का नाश प्रभो, भर-भर भक्तों के भंडार प्रभो, तुम ही सारों का सार प्रभो, जानन-हारों का ज्ञान …

माँ की स्तुति !

हे अम्बा जगदंबिका, नाव पड़ी मझधार, हाथ बढ़ाजे करनला, नाव लगाजे पार।। तूँ ही तरणी तारणी, माँ करणी शरण तुम्हार, पार उतारो अंबिका, माँ विनती बारम्बार।। तेरे चरणा में …

प्रश्न

जीवन छोटा बड़ी आशाएँ, अभिलाषाएं जीवन की ज्यादा, आकांक्षा और अपेक्षाएँ सबकी, ना जाने पूरी होगी कैसे ? कहने को राहें खूब, मगर दिखती दूर तक एक नहीं, क्या …

संघर्ष सदा करना होगा

क्या होगा भविष्य मेरा ? मैं नहीं जानता, कौन रहेगा साथ मेरे ? मैं नहीं जानता, कैसा होगा आने वाला पल ? मैं नहीं जानता, क्या दिखलाएगा आने वाला …

घर की गाड़ी

एक कंवारे ने लगाई गुहार, शादी नहीं हो रही, पंडितजी कुछ करो बेड़ा लगाओ पार। पंडितजी ने पतड़ा खोला, ग्रहों की चाल को टटोला, और गंभीर स्वर में बोला। …