Author: Mahesh Rautela

माँ

माँ को खेतों से बेहद प्यार था, चिलचिलाती धूप में मूसलाधार बारिश में झड़ों के दिनों में खेतों में दिखती थी। माँ को खेतों से अद्भुत प्यार था, वैसा …

लिख दो

लिख दो कि अब बूँदा बाँदी नहीं है बादल सरकते नहीं उड़ते हैं बरसते नहीं, फटते हैं। सूरज तापमान दिखाता है, उँचा और ऊँचा। विद्यालय के कंधे हल्के हो …