Author: Madhu tiwari

मानवता का पाठ – मधु तिवारी

💐मानवता का पाठ💐 मधु ति. तुम हमें मानवता का पाठ पढ़ाते हो औऱ देशभक्ति भी हमको सिखाते हो हमने जीवों पे दया करना सीखा है औऱ विश्वबंधुत्व पर इबारत …

माता व्यथा – मधु तिवारी

💐माता – व्यथा 💐-मधु तिवारी बेटा का वनवास सुनकर, हुई क्या मात व्यथा आज सुनाऊ आपको मैं, दुखभरी उनकी कथा राम के मुख से ही सुनी, कौशिल्या वनवास थर-थर …

दीपोंं का पर्व – मधु तिवारी

🙏🏻💐दीपो का यह पर्व निराला मिलजुल कर मनाते हैं माँ लक्ष्मी की पूजा करके सुख समृद्धि पाते हैं ✍🏻मधु तिवारी की ओर से आप सभी कोदीपावली पर्व की हार्दिक …

श्रृंगार करूंगी – मधु तिवारी

💐श्रृंगार करूंगी 💐मधु तिवारी आया करवाचौथ पर्व है मैं सोलह श्रृंगार करूंगी नखशिख तक सज सँवर के चन्द्र देव दीदार करूंगी सही सोंच की बिंदिया से अपने माथ सजा …

विजयादशमी –…….मधु तिवारी

💐 विजयादशमी 💐 नौ दिन की शक्ति पूजा ने शक्ति दिया था राम को भवानी के आशीर्वाद ने पूर्ण किया था काम को दसवें दिन संकल्पित,हर्षित प्रभु चले रण …

💐रोना नहीं💐 मधु तिवारी राम के लिए हृदय भवन हो रावण के लिए कोना नहीं प्रेम डोरी को थामे रखना छोड़ उसे तुम सोना नहीं गलतफहमियों के वश मे …

दोहे – (वर्षा हेतु प्रार्थना)…मधु तिवारी

देर है अंधेर नहीं, प्रभु तेरे घर द्वार। कर दो कथन आज सही, जनमन मे साकार।। कर वर्षा अब शीघ्र ही,आज बरस घनघोर। लोग झूमे नाच उठे, हर्ष होय …

नाचे झूम झूम के – मधु तिवारी

सावन की रिमझिम बारिश मे मितवा मन मोरा नाचे झूम झूम के शीतल पवन लहराये सांवरिया अंग अंग मोरा चूम चूम के तड़पी है खूब धरा उमस तपन से …

तीन तालाक-मधु तिवारी

कैसा है ये तीन तलाक महिला को बना दिया मजाक सदियों से ये कुप्रथा मे स्त्री होती रही हलाक तारीफ ए काबिल तये प्रयास लगाते रहे लोग कयास किया …

गुजारो नहीं – मधु तिवारी

यूं ही सजधज के रहा करो, जीवन जीयो,गुजारो नहीं कभी खता कर लिया करो हमेशा ही भूल सुधारो नहीं डालो कभी निगाहें खुद पर सदा औरों को निहारो नहीं …

गुजारो नहीं – मधु तिवारी

यूं ही सजधज के रहा करो, जीवन जीयो,गुजारो नहीं कभी खता कर लिया करो हमेशा ही भूल सुधारो नहीं डालो कभी निगाहें खुद पर सदा औरों को निहारो नहीं …

माँ का दिल – मधु तिवारी

माँ का दिल ममता का सागर, संतति पर प्रेम लुटाती है बन कर बादल रिमझिम रिमझिम, नेह सदा बरसाती है स्वारथ की इस दुनिया मे, निःस्वारथ अलख जगाती है …

*वो मजदूर है।*-मधु तिवारी ( 1 मई मजदूर दिवस पर विशेष)

*वो मजदूर है।* भुजाओं मे जग अड़ा है संसार गजब दिख पड़ा है गगनचुम्बी महल खड़ा है जो कद मे उससे बड़ा है वो मजदूर है। महल मे नित …

माता तुने किया उपकार — मधु तिवारी

माता तुने किया उपकार हमपे तुने किया उपकार तु ही आकाश मे, तु ही पताल मे तु ही जगत का सार माता तुने किया उपकार हमपे तुने किया उपकार …