Author: Madhu tiwari

नाचे झूम झूम के – मधु तिवारी

सावन की रिमझिम बारिश मे मितवा मन मोरा नाचे झूम झूम के शीतल पवन लहराये सांवरिया अंग अंग मोरा चूम चूम के तड़पी है खूब धरा उमस तपन से …

तीन तालाक-मधु तिवारी

कैसा है ये तीन तलाक महिला को बना दिया मजाक सदियों से ये कुप्रथा मे स्त्री होती रही हलाक तारीफ ए काबिल तये प्रयास लगाते रहे लोग कयास किया …

गुजारो नहीं – मधु तिवारी

यूं ही सजधज के रहा करो, जीवन जीयो,गुजारो नहीं कभी खता कर लिया करो हमेशा ही भूल सुधारो नहीं डालो कभी निगाहें खुद पर सदा औरों को निहारो नहीं …

गुजारो नहीं – मधु तिवारी

यूं ही सजधज के रहा करो, जीवन जीयो,गुजारो नहीं कभी खता कर लिया करो हमेशा ही भूल सुधारो नहीं डालो कभी निगाहें खुद पर सदा औरों को निहारो नहीं …

माँ का दिल – मधु तिवारी

माँ का दिल ममता का सागर, संतति पर प्रेम लुटाती है बन कर बादल रिमझिम रिमझिम, नेह सदा बरसाती है स्वारथ की इस दुनिया मे, निःस्वारथ अलख जगाती है …

*वो मजदूर है।*-मधु तिवारी ( 1 मई मजदूर दिवस पर विशेष)

*वो मजदूर है।* भुजाओं मे जग अड़ा है संसार गजब दिख पड़ा है गगनचुम्बी महल खड़ा है जो कद मे उससे बड़ा है वो मजदूर है। महल मे नित …

माता तुने किया उपकार — मधु तिवारी

माता तुने किया उपकार हमपे तुने किया उपकार तु ही आकाश मे, तु ही पताल मे तु ही जगत का सार माता तुने किया उपकार हमपे तुने किया उपकार …

फिर आना कन्हैया — मधु तिवारी

फिर आना कन्हैया गोकुल नगरी फोड़ देना सांवरिया मेरी गगरी जमुना तट जल भरने जाऊँ जाके वहाँ तेरा दर्शन पाऊँ छवि तेरी भर लूं मैं मन गगरी फिर आना …

गौरैया दिवस पर मेरी रचना ” गौरैया रानी ” पढ़कर विलुप्त होती गौरैया को पुनः सहेजने मे साथ दे । आप सभी गुणी जनों से मैं करबद्ध प्रार्थना करती …

यकीन दिलाया करो — मधु तिवारी

तड़प जाता हूं मैं, नजरें न चुराया करो बिखर जाता हूं तुम न सिमट जाया करो देखूं जो महफिल में हंसते बतियाते हुए मर मिटता हूं यूँ न नाज …

नारी शक्ति कहलाई हूं— मधु तिवारी

हे नीली छतरी वाले ! धन्य हो जिसने मुझमें वो बात दी है गुणी जनों मे जगह बनाऊं मुझको ऐसी औकात दी है दुनिया रंग बिरंगी देखूं ऐसे दो …

देखो क्षितिज की ओर— मधु तिवारी

होती है संध्या होता यही भोर यहि है धरा अम्बर का छोर देखो तुम क्षितिज की ओर मिले जहाँ पर भूमि आकाश होता खत्म सविता प्रकाश नहीं आगे इसके …