Author: मदन मोहन सक्सेना

दिवाली आज आयी है, जलाओ प्रेम के दीपक

मंगलमय हो आपको दीपों का त्यौहार जीवन में आती रहे पल पल नयी बहार ईश्वर से हम कर रहे हर पल यही पुकार लक्ष्मी की कृपा रहे भरा रहे …

तुम्हारा साथ जब होगा नजारा ही नया होगा

तुम्हारी याद जब आती तो मिल जाती ख़ुशी हमको तुमको पास पायेंगे तो मेरा हाल क्या होगा तुमसे दूर रह करके तुम्हारी याद आती है मेरे पास तुम होगें …

मेरे दिलबर तेरी सूरत ही मुझको रास आती है

जुदा हो करके के तुमसे अब ,तुम्हारी याद आती है मेरे दिलबर तेरी सूरत ही मुझको रास आती है कहूं कैसे मैं ये तुमसे बहुत मुश्किल गुजारा है भरी …

कौन साथ ले जा पाया है रुपया पैसा महल अटारी

कौन किसी का खाता है अपनी किस्मत का सब खाते मिलने पर सब होते खुश हैं ना मिलने पर गाल बजाते कौन साथ ले जा पाया है रुपया पैसा …

ग़ज़ल (दोस्त अपने आज सब क्यों बेगाने लगतें हैं)

जब अपने चेहरे से नकाब हम हटाने लगतें हैं अपने चेहरे को देखकर डर जाने लगते हैं वह हर बात को मेरी क्यों दबाने लगते हैं जब हकीकत हम …

ग़ज़ल(दुनियाँ में जिधर देखो हज़ारों रास्ते दीखते )

किसको आज फुर्सत है किसी की बात सुनने की अपने ख्बाबों और ख़यालों में सभी मशगूल दिखतें हैं सबक क्या क्या सिखाता है जीबन का सफ़र यारों मुश्किल में …

ग़ज़ल(ये रिश्तें काँच से नाजुक)

ग़ज़ल(ये रिश्तें काँच से नाजुक) ये रिश्तें काँच से नाजुक जरा सी चोट पर टूटे बिना रिश्तों के क्या जीवन ,रिश्तों को संभालों तुम जिसे देखो बही मुँह पर …

ग़ज़ल ( इस आस में बीती उम्र कोई हमें अपना कहे)

कभी गर्दिशों से दोस्ती कभी गम से याराना हुआ चार पल की जिन्दगी का ऐसे कट जाना हुआ इस आस में बीती उम्र कोई हमें अपना कहे अब आज …

चलो हम भी बोले होली है तुम भी बोलो होली है

मन से मन भी मिल जाये , तन से तन भी मिल जाये प्रियतम ने प्रिया से आज मन की बात खोली है मौसम आज रंगों का छायी अब …

प्यार जीवन की सुन्दर कहानी सी है

प्यार रामा में है प्यारा अल्लाह लगे ,प्यार के सूर तुलसी ने किस्से लिखे प्यार बिन जीना दुनिया में बेकार है ,प्यार बिन सूना सारा ये संसार है प्यार …

मेरी ग़ज़ल जय विजय ,बर्ष -३ अंक ३ ,दिसम्बर २०१६ में प्रकाशित

प्रिय मित्रों मुझे बताते हुए बहुत ख़ुशी हो रही है कि मेरी ग़ज़ल जय विजय ,बर्ष -३ , अंक ३ ,दिसम्बर २०१६ में प्रकाशितहुयी है . आप भी अपनी …

मुझे दिल पर अख्तियार था ये कल की बात हैमुझे दिल पर अख्तियार था ये कल की बात है

उनको तो हमसे प्यार है ये कल की बात है कायम ये ऐतबार था ये कल की बात है जब से मिली नज़र तो चलता नहीं है बस मुझे …

राखी त्यौहार और हम

राखी त्यौहार और हम राखी का त्यौहार आ ही गया ,इस त्यौहार को मनाने के लिए या कहिये की मुनाफा कमाने के लिए समाज के सभी बर्गों ने कमर …

बारिश के रंग , मुंबई के संग

बारिश के रंग , मुंबई के संग हर बार की तरह इस बार भी इंद्र देव मुंबई पर कुछ ज्यादा ही मेहरबान हो गए जीब जंतु पशु पक्षी की …

ग़ज़ल (मुसीबत यार अच्छी है)

मुसीबत यार अच्छी है पता तो यार चलता है कैसे कौन कब कितना, रंग अपना बदलता है किसकी कुर्बानी को किसने याद रक्खा है दुनिया में जलता तेल और …

ख्वाहिश अपने दिल की

ख्वाहिश अपने दिल की हे रब किसी से छीन कर मुझको ख़ुशी ना दीजिये जो दूसरों को बख्शी को बो जिंदगी ना दीजिये तन दिया है मन दिया है …

ग़ज़ल (अजब गजब सँसार )

रिश्तें नातें प्यार बफ़ा से सबको अब इन्कार हुआ बंगला ,गाड़ी ,बैंक तिजोरी इनसे सबको प्यार हुआ जिनकी ज़िम्मेदारी घर की वह सात समुन्द्र पार हुआ इक घर में …

मेरा मन सोचता है कि

मेरा मन सोचता है कि आज जब आया भूकंप नेपाल में पुरे उत्तर प्रदेश में अचानक प्राकतिक दुर्घटना घटी उसी पल जमीन फटी सजे सम्भरें सुसज्जित गृह खँडहर में …

शिक्षा ,शिक्षक और हम

शिक्षा ,शिक्षक और हम आज शिक्षक दिवस है यानि भारत के पूर्व राष्ट्रपति और दार्शनिक तथा शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन प्रश्न है कि आज शिक्षक दिबस की …

ग़ज़ल(दूसरो का किस तरह नुकसान हो )

ग़ज़ल(दूसरो का किस तरह नुकसान हो ) ख्बाब था मेहनत के बल पर , हम बदल डालेंगे किस्मत ख्बाब केवल ख्बाब बनकर, अब हमारे रह गए हैं कामचोरी , …

ग़ज़ल(इश्क क्या है)

ग़ज़ल(इश्क क्या है) हर सुबह रंगीन अपनी शाम हर मदहोश है वक़्त की रंगीनियों का चल रहा है सिलसिला चार पल की जिंदगी में ,मिल गयी सदियों की दौलत …

जय हिंदी जय हिंदुस्तान मेरा भारत बने महान

जय हिंदी जय हिंदुस्तान मेरा भारत बने महान गंगा यमुना सी नदियाँ हैं जो देश का मन बढ़ाती हैं सीता सावित्री सी देवी जो आज भी पूजी जाती हैं …