Author: LOKESH UPADHYAY

आजादी आजादी चिल्लाते हो

क्या हुआ क्यों इतना शोर मचाते हो आजादी आजादी चिल्लाते हो भूख से मरते बच्चे , आनाज फेका जाता है फिर भी मेरा भारत महान कहलाता है सरे आम …

मेरे मरने पर आंसू न बहाना

मेरे मरने पर आंसू न बहाना वफाये भूल जाना तुम आपने हाथों में मेहंदी सजाना वफाये भूल जाना तुम गिला शिकवा हो जो मुझसे मेरी खाक से कह देना …

एक बार देखो

इन प्यारी प्यारी नजरो से एक बार देखो दिल  कह   रहा है   मेरे   यार  देखो देखो जवाँ फिजाये कुछ गुनगुना रही है आओं   साथ  मेरे  ये  बहार  देखो बहती …

मैंने सोचा न था

मैंने सोचा न था मयखाने में आने पर इतना बवाल होगा हर तरफ उंगलिया उठेंगी हर तरफ एक सवाल होगा दुनिया कितनी जालिम है जिन्दगी को जिन्दगी से दूर …

चेहरा कितना हसीन है मेरे जनाब का

चेहरा कितना हसीन है मेरे जनाब का खिलता हुआ कंवल है हुस्नो शबाब का एक नूर सी चमक आँखों ने उनकी पाई चांदनी की रौनक जंमी पे उतर आई …

रात ढलती नहीं वक्त कटते नहीं

रात ढलती नहीं वक्त कटते नहीं आंसुओं से  ये पत्थर पिघलते नहीं हमसफर भी हमें कुछ ऐसा मिला साथ में दो कदम साथ चलते नहीं रिश्ता दर्दो से अपना …