Author: कमल "बिजनौरी"

”मैं हिंदी हूँ स्वयं प्रमाणित”

नहीं चाहती अस्तित्व होने का ना खोने की चिंता है चाहते हैं जो लोग सहस्रों वही गौरवी-चहेती जनता है. आवेश ही क्या कोई मेरा कभी बांध पाया है मैं …

ज़िन्दगी मुझे बता के जाना कहाँ है ?……………कमल ‘बिजनौरी’

ज़िन्दगी मुझे बता के जाना कहाँ है ? कुछ तो राह दिखा के जाना कहाँ है ?, खुशियों से भरा-फूला ये संसार हो, ना दुःख हों, ना दुखों का …

‘इक तेरे इश्क का जुनूँ’

कभी मेरी सांसों को महकाया और कभी इस दिल को तड़पाया कभी हंस के तू दिल में समाया और पल में कभी दिल को रुलाया इश्क-ए-वयां और क्या करूँ …

‘हिंदी दिवस’

आज दिवस है १४ सितम्बर हिंदी दिवस मनाया है नेता, अधिकारी हर वर्ग ने आज हिंदी स्वर लहराया है। क्या आज का ही मात्र तारीख-दिन विशेष है महत्व हिंदी …

”मैं हिंदी हूँ स्वयं प्रमाणित”

नहीं चाहती अस्तित्व होने का ना खोने की चिंता है चाहते हैं जो लोग सहस्रों वही गौरवी-चहेती जनता है. आवेश ही क्या कोई मेरा कभी बांध पाया है मैं …