Author: Kajalsoni

जिंदगी की किताब…… काजल सोनी

तीन पन्ने हैं हमारी जिंदगी की किताब में…. पहला पन्ना पलट चुका है जिसे हम दुबारा नहीं पलट सकते …… तीसरा पन्ना जो वक्त आने पर खुद ब खुद …

सागर….. काजल सोनी

बडी़ साधगी है तुझमें सागर…… गहराई का तुझको नाज नहीं…… दे जाता है मजबूत लहरें…… समेट लेता सब कुछ खुद में…… बयां करता जीवन की सच्चाई….. कि मेरा कल …

ख्वाहिशें……. काजल सोनी

हजारों रंग लिये….. ये ख्वाहिशें…. बसे सातवें आसमान पर….. कुछ अपने….. कुछ अनसुलझे…… कुछ मजबूत इरादों से बंधे…… ये दर्द भी देते….. और मकसद भी….. गहराई इतनी की खो …

मेरे अपने…….. काजल सोनी

चली थी मंजिल की तरफ…… एक एक कदम बढाते हुए….. अनजान रास्तों में…. लोग मिलते गये ….. अपने बिछड़ते गये ….. मिला तजुर्बा बड़ा…. मिले बहोत से गम….. सम्हाला …

तुम मिलो न मिलो…… काजल सोनी

तुम मिलो न मिलो……. मुझे किसी राह पर…… सफर है मेरी जिंदगी का…… मुझे तो चलना पड़ेगा……. भले धुप हो मेरे जिस्म पर……. आग हो मेरे कदमों तले……. राह …