Author: Gurdeep Singh Sethi

जिंदगी और मौत सहेलियाँ

जिंदगी और मौत सहेलियाँ   किसने कहा, जिंदगी और मौत में दुश्मनी होती है, नहीं, वह तो आपस में अच्छी सच्ची सहेलियाँ होती हैं। दोनों में अक्सर होड़ लगी …

नशे के गुलज़ार

नशे के गुलज़ार बचपन, लड़कपन तुम दूर ही रहना, इन नशे के गुलज़ारों से, यह कागज़ के फूल हैं, खुशबू नहीं इनकी फिज़ाओं में। मिल रहा ख़ाक में बचपन, …

बोन्साई – कलमी पौधे

बोन्साई – कलमी पौधे   जाने क्या सूझी बोन्साई लगाने की, ले आया इक कलमी पौधा आम का, नसल नये जमाने की। कलमी पौधे बड़े गुणी होते हैं, इक …

तकते हैं राह सहर का

तकते हैं राह सहर का अरमानों की ख़ाक उड़ाके, बेआस, बेसहारे, तकते हैं राह सहर का, ऐसे यह नशे के मारे। बेनूर चेहरा, उदास आंखें, उलझे उलझे बाल, ये …

नशीला-शून्य

नशीला-शून्य   मैं, मेरे ही होने का एहसास ढूँढ़ता हूँ, नशे ने कर दिया इतना ग़ाफिल मुझको, कि आज अपने ही अरमानों का जहान ढूँढ़ता हूँ, नशे की राह …

कॉरपोरेट कल्चर

कॉरपोरेट कल्चर घर के रूप रंग पर, नया रंग चढ़ते देखा,खरबूजे को देख, खरबूजा रंग बदलते देखा। नौकरी के नाम पर कॉरपोरेट जगत,और उस पर,नशे और नग्नता का रंग …

हसरतों की मज़ार

हसरतों की मज़ार मैं खुद ही मांझी, मैं खुद ही था खिवैया, मेरे सामने ही देखो, मेरी डूब रही है नैया। हसरतों का सामान लेकर चली थी नैया, मेरे …

नशे के गुलज़ार

नशे के गुलज़ार बचपन, लड़कपन तुम दूर ही रहना, इन नशे के गुलज़ारों से; यह कागज़ के फूल हैं, खुशबू नहीं इनकी फिज़ाओं  में । मिल रहा ख़ाक में बचपन, …

तलाश पूनम की-रात अमावस की

तलाश पूनम की-रात अमावस की जश्ने-दिवाली है, दिवाली की रात है, फलक की गोद में रौशन, सितारों की कायनात है। इस महताबे-कायनात में, नूरे-आसमाँ   ढूंढ़ता हूँ, आज कोई …

हारती जिंदगी

हारती  जिंदगी जि़ंदगी से जि़ंदा है, मगर, मौत का निशान लिये हुये; पडे़ हुये हैं नशे में, हारती  जिंदगी का सामान लिये हुये। मन के हारे हार है,मन के …