Author: Sukhmangal Singh

“छठ आइल”

छठ मइया आइल बाड़ी चौका चंदन सजाईला, चढ़ाईला फल फूलवा दौरी बहँगी लचकतजाला| अपने द्वारे गंगाजी राउरे बोलावेली गीतिया गाके , मनौती मनाइला हो सूरज के रथवा बोलायला | …

“जालिम का सोर “

“जालिम का सोर ” गमो को क्या, आते जाते रहेंगे | ‘मंगल’ सुनते रहोगे , और देखते रहोगे | बस, जालिम गाते रहेंगे? गमखोर मुस्कराते रहेंगे | सद्भाव -प्रेम …

“माँ का यश अम्बर”

माघ शुक्ल ४-5 संवत २०७१,शनिवार जनवरी २४/०१/२०१५(बसंत पंचमी की शुभकामनाएं) हमें आप यात्रा कराते रहें ! प्रभु का हम गुण गाते रहें !! जहां में पता आऊँ न आऊं! …

“प्रभु स्मरण “

१९/०१/२०१५ सोमवार, माघ कृष्ण १३ सं ०२०७१- सकल बेदना स्मृति होती ,स्मरण तुम्हारा जब होता | विश्व बोध हो जाता है ,जिससे न कभी अनुज रोता || नेत्र मूद …

“मेरा बचपन “

रवानी सुनाऊँ वा , जवानी सुनाऊँ| आज अपने बचपन,की कहानी सुनाऊँ|| वर्ष चार हमने, को नीर ज्यों नापा| कहाँ तक उसकी , दीवानी सुनाऊँ|| थीं हाथ में पुस्तक ,तैरती …

“मेरा बचपन “

रवानी सुनाऊँ वा ,जवानी सुनाऊँ| आज अपने बचपन,की कहानी सुनाऊँ|| वर्ष चार हमने, को नीर ज्यों नापा| कहाँ तक उसकी ,दीवानी सुनाऊँ|| थीं हाथ में पुस्तक ,तैरती थी काया …

“जिनगी बनाईं”

जग्गू के माई कहलीं, जवानी बेकार हो गई! हमरा जिनगी तो सुना,देखबा लाचार हो गई॥ भरलय अन्न घरवा में,बबुआ बेकार हो गई? रात-दिन सुबह-साम घरहीं,बढ़ ललकार हो गई॥ सुना …

“कन्हैया कैसो जादू लाया”

‘ कन्हैया कैसो जादू लाया ,जामें गोता खाया | ह्रदय गूंजता झींगुर के ,भूलत हूँ वह आया || गायक के मादक दिल में,निर्झर नेह वर्षाया | सखियाँ झुरमुट ओट …

‘चौधरी चरण सिंह जयंती’

‘चौधरी चरण सिंह जयंती’ आज चरण सिंह के जीवन की गाथा गाने आया हूँ | सतयुग सा सवरे भारत नव जागरण करने आया हूँ || जमीदारी -पटवारी – उन्मूलन …

‘भोर भये पै पधारो पिया’

नारी निर्मल मलिन मन ,बूझे बूझ सके तन| शर्माती कुछ गाती ,सामयिक कालिख मिटाती | महा अजय संसार चलती नफा – नुकसान बताती| खुद अश्क छुपा आँचल लेकर कचरा …

‘इच्छाएं एवं भावनाएं’

वैकुण्ठ:द्वार निर्मल,धर्मराज की साधना। समता सा संस्कार सजे,सफल सकल कामना।। बैठे बैकुंठ द्वार ले लिखने को रंग-ढ़ंग। पढ़ने दु:ख-सुख शोक,नर्क लोक को संग-संग।। गढ़ने चले मानुष,व्यापक व्याप्त बाजार। जोखिम …

‘जनम सफल कीजिए’

बात बनने को हो, तो उसे बना लीजिए। जिन्दगी खुशनुमा हो,इसे सज सजा दीजिए॥ जिन्हें प्रभु के प्यार की, हो चाहत तो लीजिए। तू उन देवताओं की, दीदार दिल …

‘लौकिक नेत्रृत्व शैली’

लोकतान्त्रिक शैली को,सदा पક્ષधर भारत। अधीनस्थों की राय को सुन्दर स्वागत करता।। प्रशंसा करता सदा,उद्देश्य निर्धारित करता। लोकतान्त्रिक सत्ता ,विकेन्द्रीयकरण करता।। उन्नत उपलब्धियों के प्रयासों को प्रेरित करता। निर्गत-निर्मित …

‘इतिहास का पन्ना चौड़ा करलो’

‘हम आप के स्वागत का कर रहे इंतजार नरेंद्र!’ को दिया आँस्ट्रेलिया ने शुभ संदेश श्री टोनी एबाँट॥ जी20 शिखर सम्मेलन के एजेंडे र मेजवान संदेश! कितना मीठा-प्यारा शुभ …

‘शिव-शंकर’

भाव भक्ति भी मुझमें जगा दो। नाथ- महिमा अपनी बता दो॥ सभी मतों के इश्वर हैं एक। स्वरूप का प्रतिविम्ब दिखा दो॥ तू आदि दम्पति कहलाते हो। हिन्दू-मुस्लिम में …

‘नव गीत सुना देंगे’!

जापान की वादी में,उन्हें घुमाय देंगे। आने दो फरमान,आस्ट्रेलिया दिखा देंगे।। आज तो देखो छठ,दो प्रेम- पूर्वक अर्घ। मनोकामनाएं पूर्ण,सूर्य भगवान करेंगे।। शांति सम्मान लेखे,वैજ્ઞાनिक ક્ષमता देखें। दुनिया की …