Author: Santosh M Gulati

बाल कविताएँ– पक्षी

बाल कविताएँ– पक्षी चूँ,चूँ,चूँ—-कौन ? चिड़िया चिड़िया चूँ,चूँ करती है सारा दिन फुदकती है दाना लेकर आती है बच्चों को खिलाती है ।। ========================================= काँव, काँव, काँव–कौन ? कौवा …

जंगल में मंगल

जंगल में मंगल आओ मिलकर जंगल बनाएं जंगल में रास्ते बनाएं एक किनारे नदी बहाएं हरे छोटे ऊँचे पेड़ लगाएं पेड़ के पीछे पहाड़ बनाएं पहाड़ के पीछे सूरज …

जीने का अधिकार

मत मारो मुझे बताओ क्या है कसूर मेरा मैं हूँ अपनी माँ का प्यार दे दो मुझको केवल जीने का अधिकार नहीं चाहिए धन-दौलत नहीं चाहिए सैर-सपाटे नहीं चाहिए …

पुनःनिर्माण

पुनःनिर्माण हरा-भरा पेड़ देखा चिड़ियों का जोड़ा देखा कभी फुदकते इधर कभी चहकते उधर तिनका-तिनका लेकर आते छोटासा घोंसला बनाते चूँ-चूँ करके आवाज़ लगाते बारी-बारी से घर बनाते वहां …

नया ज्ञान

नया ज्ञान छुट्टियां बीत गईं रातों की नींद गईं उठा आलस छोड़ा स्कूल की ओर दौड़ा इमारत वही प्रिन्सिपल वही घड़ी वही घण्टी वही कमरे वही कुर्सियां वही शिक्षिका …

ढेर सा…………..

ढेर सा…………..   जगह जगह लगे हैं कूड़े के ढेर भिनभिनाती मक्खियों के ढेर फैल जाती बीमारियों के ढेर ड़ाक्टर पाते सिक्कों के ढेर शहरों में ढेर सारी सुविधाएँ …

महकते फूल

महकते फूल बाग़  में खुशबू  फैल गई ,  बगिया  सारी  महक  गयी, रंग-बिरंगे  फूल खिले,  तितलियाँ  चकरा  गईं, लाल ,पीले ,सफ़ेद  गुलाब ,गेंदा  , जूही ,खिले  लाजवाब , नई …

खिलती कलियाँ ‘

‘ खिलती   कलियाँ  ‘ रंग –बिरंगी   खिलती  कलियाँ, गूंजे  भँवरे  उड़ती  तितलियाँ , सूर्य –किरणे  अब  फैल  गईं , कलियों   का  घूंघट  खोल गईं  कली –कली   को  देख  रही , देख –देख  कर  हंस  रही, मस्त पवन  का झोंका  आया , मीठे  सुर  में  गीत  सुनाया, डाली –डाली  लगी  लहराने, क्या  मस्ती  भी  लगी छाने , देख–देख मन  लुभाया , कली –कली का मन इतराया, कितनी  कलियाँ एक  बगीचा , माली  ने  सब  को  है  सींचा, सींच–सींच  कर बड़ा  किया , …

चिड़िया घर की रेल चली

चिड़ियाघरकीरेलचली रेल चली भाई रेल चली,   चिड़िया घर की रेल चली , आगे बैठे बन्दर मामा ,पीछे उनकी दुल्हन जी , तीतर, मोर, पपीहा बैठे, इनको जाना दिल्ली जी, …

चाचा नेहरु की कहानी

चाचा नेहरु की कहानी, सब को लगाती बड़ी सुहानी, इसको कहते नाना-नानी, दुनिया थी इनकी दीवानी..चाचा बचपन बीता खेल में, जवानी बीती जेल में , जीवन बदला गाँधी ने, …

वीर जवाहर का जन्म दिवस

 वीर जवाहर का जन्म दिवस, है बालदिवस इतिहास बताता है, खिला-खिला गुलाब खुशबू फैलाता है, एकता की ताकत से मंजिल उन्होंनें पायी थी, भारत हुआ आज़ाद गूँज उठी शहनाई …