Author: डी. के. निवातिया

शातिर – डी के निवातिया

शातिर *** वो देखो, वो जो भोला सा शख्श है ये मत पूछो वो कितना शातिर है, बात न पूछो उसकी हद-ऐ-शराफत की गरीबी का बाज़ार सजाना जानता है …

तुम्हारी अदा – डी के निवातिया

तुम्हारी अदा *** इतना प्यार करते हो, कभी न जताते हो तुम यदा कदा ही सही मगर, बहुत सताते हो तुम कैसे न जां निशार करे हम तुम्हारी अदाओ …

ज़लवा – डी के निवातिया

ज़लवा *** जरुरी नहीं दुनियाँ में सिर्फ हुस्न का ज़लवा हो हमने तो कीचड़ के हिस्से में कमल को देखा है अभद्र हो या दीन-दरिद्र कद्र हर शै: की …

कैसे कह दूँ – डी के निवातिया

कैसे कह दूँ *** *** *** कैसे कह दूँ उसको मै बेवफा, नब्ज चलती है हर पल मेरी उसके नाम पर ! कभी मुलाकात नही हुई तो क्या, मेरे …

कहानी छोड़ जायेंगे – डी के निवातिया

कहानी छोड़ जायेंगे *** *** *** मिटाओगे कहाँ तक मेरी यादें, हर मोड़ पर लफ्जों की वीरानी छोड़ जायेंगे l कैसे बीतेगी तुम्हारी सुबह-शाम, हम सिसकती रातों की कहानी …

लिख नहीं पाता हूँ – डी के निवातिया

लिख नहीं पाता हूँ *** लिखना चाहता हूँ पर लिख नहीं पाता हूँ आँखों के सामने तैरते कुछ ख्वाब, कुछ अनकहे अल्फ़ाज़ आते है क्षण भर के लिए फिर …

कौन ढलना चाहे – डी के निवातिया

कौन ढलना चाहे ********** है भला कौन मुसाफिर राह में जो संग चलना चाहे हर कोई चाहे नया रंग , मेरे रंग कौन ढलना चाहे !! हर किसी को …

हिंदी भाषा से जुड़े रोचक तथ्य

हिंदी भाषा से जुड़े रोचक तथ्य 1. हिन्दी शब्द खुद फारसी शब्द ‘हिन्द’ से लिया गया है.  हिन्द शब्द का आशय ‘सिंधु नदी की जमीन’ से है। 2. हम …

मुझको वो कर दिखाना है- डी. के. निवातिया

——::अब मुझको वो कर दिखाना है ::—- *** अपना लक्ष्य मुझे हर हाल में पाना है लाख बाधा हो राह में नही घबराना है ठाना है मैंने जो कुछ …

सेज़ है सज़ायें- डी के निवातिया

सेज़ है सज़ायें- *** यह लो वो सज़ गए फिर से पहन सेहरा भी, अब तो कोई जाकर उन्हें हमारी याद दिलायें ! हम ख़ाक में मिल गए उनके …

भारत की छटा – डी के निवातिया

भारत की छटा   मेरे भारत में जनता की, रीत बड़ी निराली है, जो दिल को बहला दे ये उसकी ही सवाली है दिन को रात कहने वालो की …

हसरत-ऐ-ज़िद – डी के निवातिया

हसरत-ऐ-ज़िद *** बेवजह करते हो हसरत-ऐ-ज़िद तुम हमारा इम्तिहान क्या लोगे ! मिलाओगे गर नज़रो से नज़र तो खुद ही शर्म से नज़रे झुका लोगे ! भूल न करना …

रोया नहीं जाता – डी के निवातिया

रोया नहीं जाता *** मेरी आँखे भी अब मुझ से ये कहने लगी है यारा चैन से हमसे अब सोया नहीं जाता ! बंद भी करो देखना ख़्वाब उस …

सनम तेरे लिए – डी के निवातिया

सनम तेरे लिए *** ये दिल धड़कता है बस एक तुझे देखने से आती – जाती ये साँसे भी रुकने लगती है ! मुहब्बत इतनी है सनम तेरे लिए …

माँ बाप का प्यार – डी के निवातिया

माँ बाप का प्यार *** किसी ने बेगैरत कहा, किसी ने पाप का प्यार न पूछो कितना महंगा ,पड़ा है आप का प्यार सारी दुनिया खोजी मैंने सुख दुःख …

मिटटी – डी. के. निवातिया

मिटटी *** जीवन का सार है, उत्पत्ति का आधार है जल हो या वायु संपूर्ण जगत की प्राण है मिटटी !! अम्बर को शीश धारे, प्रकृति को सीने पे …

फ़साना – डी के निवातिया

फ़साना *** तेरी मेरी कहानी का अब यही फ़साना होगा बरसेंगे तेरे मेंरे नैन बारिश का बहाना होगा !! तड़पते दो दिलो में तन्हाई का आलम होगा सिमटते रिश्तो …

सोच-सोच घबराता हूँ

ये सोच-सोच घबराता हूँ…….. *** पिता नही मेरी ताकत है, छत्र-छाया में उनकी रहता हूँ महफूज उनके संरक्षण में, निडर हो बेफिक्री से जीता हूँ छोड़ जायेंगे एक दिन …

मौन बड़ा अनमोल – डी के निवातिया

मौन बड़ा अनमोल *** मौन बड़ा अनमोल प्यारे, नही इसका कोई मोल मौन के आगे सब हारे, बोलो कितने कड़वे बोल !! मौन जब तक मौन है, दुनिया में …

पुष्प बेल – डी के निवातिया

पुष्प बेल ***** मेरे आँगन में ख़ुशियाँ खिलखिलाती है मन उपवन तितलियाँ सी फुरफुराती है धरा सी माता नभ से पिता की छाँव में बेटियों के रूप में पुष्प …

स्वंय से तुम युद्ध करो – डी के निवातिया

स्वंय से तुम युद्ध करो बुद्ध को तुम प्रबुद्ध करो आत्मा को शुद्ध करो चैतन्य सर्व प्रबल हो स्वंय से तुम युद्ध करो !! अभीष्‍टता आस करो सत्य का …

शहर की आबो-हवा – डी के निवातिया

शहर की आबो-हवा रुक सा गया है वक़्त क्यूँ थम सा गया है रवानी से बहता लहू, अब जम सा गया है कुछ तो गड़बड़ है, शहर की आबो-हवा …

दीवाना – डी के निवातिया

दीवाना ___ मै दीवाना, तेरी कातिल अदाओ पे मरने आ गया लुटां के जां इस जुर्म का जुर्माना भरने आ गया !! मुहब्बत करते देख जमाने को बाते बहुत …

योग – डी के निवातिया

योग >< नेता तोंदू राम थे, करे दिवस का योग ! योगी बने एक दिन के, बरस लगावे भोग !! योग नाम पे लूट रहे, कर दिखावे का ढोंग …