Author: दीक्षित

रेखा

मिलायी नज़र से, नज़र मैंने तुझसे जिधर देखा मैंने, तेरा अक्श देखा भले आयना, तेरा सच्चा हो लाखो मगर मैंने देखा, वो कहा उसने देखा तेरी मर्जिओ से मैं, नावाकिफ …

नज़रे

खिलखिलाती मुस्कराती वो सुरगमी नज़रे भटकती दर बदर कुछ तलाशती नज़रे चमकती चाँद में चमचमाती चाँद कि नज़रे सुबह को झिलमिलाकर रोकती गुलाबी लाल वो नज़रे रखू में कैसे …