Author: davendra87

दौरे-शुकूँ फिर से आज दिल जला गया

दौरे-शुकूँ फिर से आज दिल जला गया मेरा पता पूछ कर कहीं और चला गया आंखों का अश्कों का न दिल का कसूर था ख़त में लिखा था जो …

दिल जख्मों का है ठिकाना

दिल जख्मों का है ठिकाना प्यार तो है बस एक बहाना तूफां दिल मे कब आ जाए कब मिल जाये ग़म का नज़राना। दिल जख्मों का है ठिकाना । …

मुक्तक- हार जायेगा

देखते ही देखते गुजर गई जिंदगानी अब अधूरी ख्वाहिशों से कैसे पार पायेगा । अपने ह्रदय में ही जगह नही मिली तुझे अब किस घर का द्वार खटखटाएगा । …

अलविदा गीत

बीती यादों को दिल मे सँजोते हुए बीते लम्हों को पलकों मे समेटे हुए अपने कारवां से यूं अलविदा कहो न दोस्तों खुश रहो दोस्तों खुश रहो दोस्तों खुश …

तुझसे मेरी उलफत के फसाने बहुत हैं

“जमाने भर की खुशी देने का वादा किया था मैंने एक मुस्कान भी उसके होठों पे ला नही पाया कभी “ ए जिंदगी तुझको तेरी खुशियाँ मुबारक हो मेरे …

प्रतीक्षा

कोई नही था उसका जिसे वह अपना कहती सिवाय तुम्हारे शायद तुम नही जानते प्रभा की पहली किरन से स्वप्नों की अंतिम उड़ानों तक प्रतिदिन प्रतिक्षण सिर्फ तुम थे …

दौर-ए-मोहब्बत

दौर-ए-मोहब्बत का आगाज है कि हर कोई खुद को दीवाना समझता है । निगाहों निगाहों ने मुलाक़ात क्या की मोहब्बत मे खुद को जमाना समझता है । तनहाई के …

कभी फुर्सत मिले अगर तो

फुरसत मिले अगर तो मुझे याद कर लेना दो पल सही मेरे ग़म मे पलकें भिगो लेना हालात की साजिश थी हम न मिल सके मेरी तस्वीर ही सही …

कभी हमको अपना साथी बनाते

कभी हमको अपना साथी बनाते मेरी हसरतों को दिल से लगाते, तुम्हें सौंप देते हम मुस्कान अपनी एहसास-ए ग़म जो हमे तुम दिलाते । कब तक ग़म को छुपाते …

कोई गज़ल गा दीजिए

दर्द से दर्द की दवा कीजिये हम है बैठे ग़जल कोई गा दीजिये एक नन्हा दिया जल रहा है कहीं साथ जलकर उसे हौसला दीजिये फासलों ने दिए जख्म …

बचपन के दिन

स्मृतियों के मेघ बरसते भीग रहा है अन्तर्मन दूर गाँव की पगडंडी पर चहक रहा मेरा बचपन ढल रही दुपहरी गौशाला से कजरी गईया रही पुकार बाबा संग छोटे …

जिंदगी की तन्हाइयों मे उदास हो रहा था

जिंदगी की तन्हाइयों मे उदास हो रहा था मैखाने मे बैठा देवदास हो रहा था याद आ रहे थे कुछ बीते हुए पल जिन्होने मचाई थी जीवन मे हल-चल …

कवितायें भी रोती हैं

कुछ हँसती हैं कुछ गाती हैं कुछ जीवन का रस दे जाती हैं कुछ देश प्रेम की बातें कर कर्तव्य की राह दिखाती हैं कुछ प्रेम के गीत सँजोती …

जिंदगी

खुश नसीबी लिखूँ मेहरबानी लिखूँ जिंदगी क्या तेरी कहानी लिखूँ! एक पल खुशी की बहार लेकर आये दूसरा गमों की सौगात दे जाए। हालात की अंजानी गुलामी लिखूँ छलकती …

आ जाओ मेरी पनाह में

कुछ अनजानी तस्वीरों में हम खुद को ढूँढा करते हैं जो कुछ खाली सा दिखता है वो तुमसे पूरा करते हैं। पाने की चाहत होगी फिर खो देने का …