Author: Bindeshwar prasad sharma

दिवाने – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

हाल बताएँ क्या तुझको, हम तेरे दिवाने हैं अब मिलता कहाँ है चैन, हम तेरे दिवाने हैं। हम ऐसे अनजाने हैं, हम वैसे मस्ताने हैं अब मिलता कहाँ है …

पापा की याद – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

साये की तरह साथ देने वाले मैंनें अपने पिता को खोया था। आज फिर से याद आ गयी उनकी आँखें अपने आप ही रोया था। ठोक कुम्हार सा सुन्दर …

गीत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

तू मेरे मन मीत, तेरी अजब कहानी दिल लिया है जीत, तेरी अजब कहानी। तेरी सूरत चाँद से कितना मिलता है हंसती हो तो फूल के जैसा खिलता है …

ग़ज़ल – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

खुद को संहालो इतना कि बस चलना आ जाय राह जैसी भी हो, वक्त पर बदलना आ जाय। दकियानूसी से, रंगत यह बदल जायेगी रुख़ हवा का देखके, आपको …

गज़ल – ए – चाँद – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

गुरु जी, मैं आपका अब मुरीद बन बैठा हूँ चाँद दिखा आज, इसलिए दीद बन बैठा हूँ। आप तो रहनुमा हैं, मेरे इन ख्यालों के चरणों में आपके एक, …

प्यारी सी घटा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

उमड़ती -घुमड़ती -मचलती,ये मद मस्त सी घटा कारी – कारी कटारी, कजरारी, प्यारी सी लटा। कभी गरजती, कभी बरसती, कभी चमकती ऐसे सनन- सनन – सन पुरवाई, अंगड़ाई सी …

रूबरू – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कभी मैं उनको देखा तक नहीं था आज उन्हीं को मैं देखता रह गया पहली ही बार रूबरू हुए आँखों में और मैं उन्हीं को समझता रह गया।

तहरीर – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

बिना देखे ही हम उनको ऐसे सलाम कह दिये तजुर्बा ही मेरा कुछ इस तरह था जो नाम कह दिये। बड़ी मेहनत से पढ़ना सीखा था मैंने तहरीर नजरों …

ये प्रदुषण – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

अपनी वसुधा अपनी ये धरा खामोश इतनी जैसे कि डरा। है गगन कहते जिसे आसमा जहाँ दिन-रात जलती है शमा कहीं खाली नहीं है सब भरा खामोश इतनी जैसे …

शोख अदाओं पर – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

किसी की याद में भटकता है तो क्या हुआ प्यार का इजहार करता है तो क्या हुआ। इक सुकून तो है कि उसको दिल में रखा है वह अपने …

ऐ भगवान – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

ऐ भगवान रहम कर देना, दुनिया के इंसानों में थोड़ी अकल उसमें भर देना,पत्थर दिल दिवानो में ।। तुमने दुनिया एक बनाया, उसमें अनेकानेक समाया चमत्कार तेरा है भगवन,सबको …

सुख की तलाश – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

सुख की तलाश में, दुख झेलता रहा मुसीबतों के पहाड़ से, खेलता रहा। जिसकी थी जरूरत, वह भागती रही नसीब खराब था,जो उसे देखता रहा। बेरहम सी दुनिया, क्या …

कुंवारा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कवि – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु) कुरेदो मत जवां दिल को, कुंवारा है दिवाना है इसे गफलत में न पड़ने दो, तराना है याराना है। छेड़ो मत अब दिल …

जमीर – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

लफ्जों के खेल में, हसरतों के दाग लग गये रिश्ते जलील हो गये, नफरतों में आग लग गये। कितनी अच्छी भली, चल रही थी उनकी गृहस्थी मति फिर गई, …

माँ – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कवि – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु) वसंत की हरियाली हो माँ तुम इतनी निराली हो। तुम वतन चमन गुलबदन माँ तुम फूलों की डाली हो। तुम हर दिल की …

नजरें – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कवि – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु) काश ये नजरें बदल जाती, प्यार में झूठ का पर्दा उठता,बीच बाजार में। भरोसा खुद पर, अगर नहीं हो आपका तो फिर, क्या …

माहताब – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

बागों के इस चमन में, माहताब हो तुम फूलों सा महकता, कोई गुलाब हो तुम। नुरानी ये गाल पर, गुलमोहर सी चमक नजरें इनायत, जैसे की शराब हो तुम। …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

धरा धधकती तपन से, है सूरज अंगार। त्राहि – त्राहि अब मच रही, बिन पानी संसार। ताल पोखर सूख गये, बिलख गये सब जान हरितिमा सब झुलस रहे, गर्मी …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

घटता – बढ़ता चाँद है, बहुत अजब है खेल साथ सूर्य अरु चाँद का, होता कभी न मेल। नदियाँ कल – कल बड़ीह रही, झरने गाते गीत घूंघट ओढ़े …

अपना – पराया – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कवि – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु) यहाँ अपना पराया कुछ भी नहीं है दोस्त जो था जो है जो रहेगा सब एक सपना है। जिसे हम अच्छा समझते थे, …

सैलाब – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कवि – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु) हर इक शितम सैलाब से क्या कम है एक आवाज़ इंकलाब से क्या कम है। चोरी डकैती बेईमानी अपहरण आम है यहाँ बलात्कार …

माँ कहती है – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

प्यार है अंधा, माँ कहती हैं, माँ से सीखा है मैंनें नो महीने, गर्भ में रख, किया प्यार सो लिखा मैंनें। कितना था विश्वास जमाया,कितनी ही ममता जागी होगी …