Author: Bindeshwar prasad sharma

खटास – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

पद पैसा और प्रतिष्ठा मिल भी जाय अगर रिश्ते में खटास है तो सब बेकार मतलब जीरो शुरू होती है और सिमट भी जाती है यही आदि है तो …

मुकम्मल -बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

निहायत ही ख्वाब देखते रह गये ख्यालों में कम्बख्त दिल क्यों उलझ गया मुलाकातों में। हम यूं ही प्यार को मुकम्मल करना चाहते थे क्या पता बिन्दु ही गुम …

मधुर वाणी – 2- बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

बेटा जब,बुलंदियों को छू लेता है तो बाप गर्व से कहता है देखो,यह मेरा बेटा है। बेटी जब कूल की इज्जत रखती हुई अपना घर संहाल लेती है तो …

हिन्दी हैं हम – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

हिन्दी हैं हम, हिन्दुस्तान हमारा सब देशों में, खानदान हमारा। हम संस्कृति हैं, संस्कृत हमारा भाषा ही यह, पहचान हमारा। कितने सबल और कितने प्रवल कितने निर्मल यह गुणगान …

मधुर वाणी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

वाणी को नियंत्रित कीजिए आचरण अपने आप सुधर जायेगा प्रेम से तो पत्थर भी पिघल जाता है नियत साफ रखिये किस्मत बदल जायेगा।

मरहम – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

मरहम दर्द निवारक दवा राहत देनेवाली एक औषध। बातों का अपने तजुर्बे अपने अंदाजो का अपने ख्यालों का एक मरहम। एक दर्द के लिए एक तंग दिल के लिए …

वाह रे दुनिया – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

वाह रे दुनिया वाह रे देश ऐश कर लो बदल कर वेश। कहने का कलियुग है आया ममता मोह से भरी है माया इतना बड़ा जंजाल को देखो अपने …

सवेरा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

कब से सोये हो कब तक सोयेगा अरे, अब तो जागो सवेरा तेरा इंतज़ार कर रहा। नींद में कब तक रहोगे खोये खोये कब तक ढहोगे क्या कर्म तुझे …

चांदनी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

ये है जाहिर कि तुम चाँद हो चाँदनी रूप ऐसे कि जैसे तुम मंदाकिनी। तुमसे खुशबू चमन के महक जायेंगे नादां दिल से ये दुनिया बहक जायेंगे। चाल नागन …

मारो दानव – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

बाबा राम रहीम का डेरा सच्चा सौदा झूठा घेरा। कलयुग की यह बड़ी निशानी सबको कर दे पानी पानी। माया का बाज़ार बनाया ऐसे में पहचान बनाया। झूठे इनके …

मंजिल – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

गिरता है फिसलता है रेंगता हुआ आगे बढता तो है। आशा और लगन है पूरा भरोसा है इस विश्वास में अपने आप से लड़ता तो है। न मुड़ता है …

हरितालिका – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

आज है हरितालिका का तीज न पीजिए न खाइए कोई चीज़। गौरी महादेव और गणेश का ये अद्भुत प्यार कुंवारियों और सौभाग्यवती का यह त्योहार। यह प्रेम और यह …

तालाक – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

गुस्सा क्यों आ रही अब नाक पर तीन तालाक को रख दो ताक पर। फैसला के पहले मैंने यह कह दिया मुस्लिम महिलाओं का मैंने सह दिया। जूल्म शितम …

दोहे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

सत् से संगत कीजिये रहै न मन में क्लेश ऐसी वाणी बोलिये मन को लगै न ठेस। मंदिर मस्जिद सब करै मन में मन का फेर धरम करम का …

मातृभूमि की रक्षा – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

मॉ मुझे भी जाने देना मातृभूमि की रक्षा में दे देना आर्शीवाद हो जाउ सफल परीक्षा में। चाणक्य के नीति से दुश्मन को मार गिरायेंगे आतंकबाद रौंद कुचल कर …

कलियुग – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

अरबों बरस की इस धरती पर कितने कलियुग आये। इस बार भी आया है कलियुग युग आये और युग जाये। चारो युग जिवन्त वेद में युग है माया की …

रक्षा बंधन – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

भाई-बहन का प्यार ऐसा बंधन है रिश्तों को जो जोड़े ऐसा संगम है। जियो हजारों साल बहना कहती है भइया के दिल में ही ये रहती है बहना आरती …

मुहब्बत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा (बिन्दु)

अजनबी शहर है, ऐसे में तुम भटक जाओगे हर मोड़-हर चौराहे पर, यूही अटक जाओगे। किसी को रुलाओ मत, मेरे दोस्त, मेरे हमदम दिल मिलाओ, वर्ना मुहाब्बत के लिए …

सात फेरे – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

सात फेरों की सात वचन वाह रे शादी वाह रे करम। प्रभू जी की यह माया कैसी कलियुग की साया तिनतैसी। माँ बाप को छोडा पहले दिल भी उनका …

मुहब्बत – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

नफरातों को जलाओ तो मुहाब्बत होगी मन को दिल में मिलाओ तो जन्नत होगी । ऐ मेरे दोस्त, खुद पर यकीन करना सीखो कुछ कर के आप  दिखाओ तो इज्ज़त …

बदल गये – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा ( बिन्दु )

धरती बदली और न चांद बदला सूरज वही है, न आसमान बदला। बदल गए हम, आप और वो लालच में न जाने क्यों इंसान बदला। नीयति बदल गयी हमारी, …