Author: bhupendradave

मैं दीप हूँ मुझे रोशन रखो —- भूपेन्द्र कुमार दवे

मैं दीप हूँ मुझे रोशन रखो अपने करीब उजाला मन रखो।   जलने बुझने का खेल अजब है जिन्दगी को इसी में मगन रखो।   दुआ होती है बूँद …

भक्ति मेरी है, शक्ति तेरी

भक्ति  मेरी है,  शक्ति तेरी फिर क्यूँ मैं तुझको बिसराऊँ तृप्ति-सिन्धु  है  मंदिर  तेरा फिर क्यूँ मैं प्यासा रह जाऊँ?   मुझको  भूल गया  फिर भी तेरा  साया  मैं   …

इक बार तो मेरी बात पर भी विश्वास करो

इक बार तो मेरी बात पर भी विश्वास करो हर इक दिल में खुदा है इसका अहसास करो।   इनसे ही घोंसला मेरा घर भी आबाद है ये चिड़ियाँ …

तेरा रसमय गीत निमंत्रण ….. भूपेन्द्र कुमार दवे

तेरा रसमय गीत निमंत्रण मेरे प्राणों ने जब पाया प्राण पखेरू बन पीड़ा के यह कोमल गीत चुरा लाया। ‘तुझसे मिलकर भेंट चढ़ाने अर्पित कर दूँ अनुपम माला’ यही …

हे माझी ! मेरे कर्णधार ! ….. भूपेन्द्र कुमार दवे

हे  माझी !  मेरे कर्णधार ! मुझे ना छोड़ बीच मझधार।   जिसको कहते जीवन नैय्या वह मैंने  तुमसे  पायी  है तेरे  ही  कहने  पर  मैंने लहरों  से  होड़ …

तेरी बगिया में मेरा क्या काम …. भूपेन्द्र कुमार दवे

  तेरी बगिया में मेरा क्या काम इसमें है सुन्दर फूलों की शान।   ओस कहे मैं फूलों की हूँ कलियों पर ही मैं इठलाऊँ मेरे  आँसू तप्त  कणों …

मुझपर मेरे गुनाहों का सेहरा रहने दो —– भूपेंद्र कुमार दवे

मुझपर मेरे गुनाहों का सेहरा रहने दो मुझपर मेरे गुनाहों का सेहरा रहने दो मेरे चेहरे पर मेरा ही चेहरा रहने दो जब तक खुद वो अपने गुनाह ना …

कितनी आसानी से मशहूर कर दिया है खुदा ने —– भूपेन्द्र कुमार दवे

कितनी आसानी से मशहूर कर दिया है खुदा ने उतार मुझे सूली से खुद को चढ़ा लिया है खुदा ने। कितनी अनोखी सौगात वो देता रहा है मुझको अपने …

मेरे अंतः की आशायें…. भूपेन्द्र कुमार दवे

मेरे अंतः की आशायें हरदम किलकारी भरती हैं। मैं धूल बनूँ या फूल बनूँ बिखराव तपन-सी रहती है सुनसान अंधेरे पथ पर भी कुछ घड़कन दिल की बढ़ती है। …

जिन्दगी क्या है

जिन्दगी क्या है यह तो वक्त बताता है इसका मकसद भी वक्त बदलता जाता है।   जो मुहब्बत जताता है मुकर जाता है जो मुहब्बत करता है हरदम निभाता …

थकी प्रार्थना

थकी प्रार्थना थक गई प्रार्थना हो निष्फल सो गई साधना पूर्ण विफल अब क्यूँकर दीप जले निश्चल अब क्या मंदिर में पैर धरू? अब किस दर्शन की आस करूँ …

तू मौजे-शराब तो पैमाना हूँ मैं

तू मौजे-शराब तो पैमाना हूँ मैं गम आगोश लिया मस्त मैखाना हूँ मैं।   तू अक्स और तेरा आईना हूँ मैं तेरे फेंके पत्थर का निशाना हूँ मैं।   …

गाता हूँ जब भी होती पीड़ा की झंकार

गाता हूँ जब भी होती पीड़ा की झंकार। वरना तेरी वीणा पर मेरा क्या अधिकार।   मौन कंठ है, मौन अश्रू हैं गुमसुम है सब सूनापन भी गीत अधूरा, …

चलो आज फिर दिल को मनाया जावे

चलो आज फिर दिल को मनाया जावे यादों की  किश्ती को  सजाया  जावे।   यूँ  नंगे बदन  कब तक  चलोगे, यारों चलो फिर किसी का कफन चुराया जावे।   …

छिपा है जैसे तेरी मृदु वीणा में स्वर

छिपा है जैसे तेरी मृदु वीणा में स्वर मेरे गीतों में छिप जाता है परमेश्वर। कँप कँप लहरें उठती जाती हर छंद बद्ध के मंथन की गीतों में उठती …

मेरे गीतों की बगिया में

मेरे गीतों की बगिया में तू बसंत-रुत बन खेला था। सत रंगी फूलों से सुर ले तू रचता जीवन मेला था।   राग-रागिनी पूर्ण हुई जब अंतिम गीतों की …

तिनके बताते हैं मेरा आशियां यहीं था

तिनके बताते हैं मेरा आशियां यहीं था जिसपे नाज था मुझको वो गुलिस्तां यहीं था ना हो यकीं तो उठती लहरों से पूछ लो मेरी किश्ती यहीं थी और …

जब से मैंने तुम्हें निहारा

जब से  मैंने तुम्हें निहारा तुझमें मुझमें रहा ना अंतर                           तुझे  प्रतीक्षा रहती  मेरी                         मैं उलटी साँसें गिनता हूँ                         बाट  जोहता रहता है तू                         …

पीर तुम्हारी खेल रही है

पीर तुम्हारी खेल रही है पीर तुम्हारी खेल रही है मेरे आँसू के निर्मल जल में। और व्यथाऐं तेरी सारी स्याह बनी बस बहती काजल में। शक्ति मिली ना …

मैं चाहूं मेरे गीतों को

मैं चाहूं मेरे गीतों को तुम अपने सुर में गावो दिव्य पूर्णता अपने स्वर की इन गीतों में भर जावो गाते गाते राग थके जब मेघों की गर्जन ले …

ये ही तेरे मैकदे का राज खोलते हैं

ये ही तेरे मैकदे का राज खोलते हैं तेरे हाथ कँपते हैं जब जहर घोलते हैं। जहराबे-गम को अमृतकणों से जोड़ते हैं ये सोचनेवाले भी क्या खूब सोचते हैं। …

अमर शहीदों के प्रति

अमर शहीदों के प्रति शहीदों को जिगर में अपने जगाकर तो देखो कहानी उनकी, उनको सुनाकर तो देखो सुना दो उनको अमर उन्हीं की कहानी कहानी जो आँखों में …

ढूँढ़नेवालों को मेरे कई निशान मिले

ढूँढ़नेवालों को मेरे कई निशान मिले मुझी से टकराये पत्थर लहूलुहान मिले। मुझे भी मेरे गुनाहों के कई निशान मिले मुझे माफ करने वाले कई इंसान मिले। हाल मत …