Author: Bhawana Kumari

अभी टूटा नहीं है ख्व़ाब मेरा-Bhawana kumari

तुमने बहुत कोशिश की थी मेरे ख्व़ाबो को तोड़ने की, पर जान लो मैंने टूटने नहीं दिये है अभी तक ख्व़ाब अपना जिंदा है वो अब भी मेरे आँखों …

व्यर्थ ना जाने देगे कुर्बानी-Bhawana kumari

आज कोई शब्द नहीं,कोई भाव नहीं, ना चल रही क़लम मेरी आज, नि:शब्द हो मेरी कलम आज, बस इतना ही लिख रही हर बार लेखनी आज, ना भूल पाऐगे …

जगदम्बे भवानी- Bhawana Kumari

है माँ दुर्गे जगदम्बे भवानी तू तो विद्या दायनी है तेरी महिमा अपरंपार तेरे खेल निराले है कभी काली,कभी गौरी बन तो कभी सरस्वती बन कर नित नए रूप …

पसीने की कीमत-Bhawana kumari

भागती-दौड़ती जिंदगी में, हमें पसीने की कीमत कोई नहीं देता यारो। बहा कर हम अपना पसीना स्वीकारते जिंदगी की सारी चुनौतियां। पसीने की स्याही जब चलती है कोरे कागज़ …

नाजुक कंधे Bhawana kumari

छोटे बच्चे नाजुक कंधे नाजुक कंधे भारी बस्ते बोझ कैसे उठाऊँ में रोज सुबह माँ मुझे जगाती दौड़ा दौड़ा कर ब्रश कराती रगड़ रगड़ कर मुुझे नहलाती कभी चिल्लाती …