Author: BARGLA

अकड़

जब तक जिस्म में जान रही तब तक अकड़ आँखों की पहचान रही और जिस्म से जान निकलते ही यह आँखों से तो जाती रही मगर खुद जिस्म की …

रोशनी की तलाश

रोशनी की अगर तुम्हे तलाश है तो बाहर मत देखो बाहर तो सिर्फ़ अंधेरा और सिर्फ़ अंधेरा है ढूँढते रह जाओगे और अंधेरो मे गहरे कहीं खो जाओगे तुम्हारे …

छोटे छोटे तारे

सूरज की रोशनी से चमकने वाला पूर्णिमा को इठलाता चाँद भी जिंदगी मे उम्मीदे नही जगाता हाँ अपनी रोशनी से टिमटिमाने वाले जगमगाने वाले छोटे छोटे तारे ज़रूर जिंदगी …

हक़ीकत

लोग जिंदगी भर जवानी के सपने देखते रहते हैं और कम्बख्त बुढ़ापा हवा के झोंके की तरह आ जाता है लोग ख्वाबों के महल बनाते रहते हैं और हकीकत …