Author: arun kumar jha

विधानसभा – अरूण कुमार झा बिट्टू

खूब दिखा भाई शिष्टाचार सपा विधायक दल के। कागज के टुकड़े फैक रहे थे डेक्स पे उछल उछल के। कैसे रहती आप पिर पीछे , इसने किया कुछ बढ …

ऐ कैसा सीन हैं – अरूण कुमार झा बिट्टू

हाय पश्चिम बंगाल तेरा आज ऐ कैसा सीन है कानून बचाने वाला ही चोरो संग आसीन हैं अब क्या इस देश में जाच भी नही होगी पूछ ताछ करने …

मुहाब्बत

आज कल मुहाब्बत बदनाम हो गया हैं चर्चा गली मुहल्ले सरेआम हो गया हैैैै बन गया है शौदा कुछ पाने की है चाहत क्योकी जिस्म आशिकोका मुकाम हो गया …

दोस्त – अरूण कुमार झा बिट्टू

बच्चपन के दोस्त कही जब मिल जाते हैं। दिल मे दबे भाव भी लव पे खिल जाते हैं। गम्भीरता बातो से जाने कहा जाती हैं। बच्पन की बातो मे …

गरीबी के निशान- अरूण कुमार झा बिट्टू

हैं राहे रेत ऐ एैसा की एक निशान छपता हैं, इस गरीबी के चादर के सब आर पार दिखता हैं छुपाना चाहता हूं मैं पहन कर जो जरा महगां …

मुक्म्मल जहॉ- अरूण कुमार झा

एक मुक्म्मल जहॉ की खातिर लड़ना मुनासिब होना हैं वो सही होगा तू चले चल मुसाफिर राह कांटो से भरी हो या पथरीली हो तेरे कदमो के निशान चाहे …

शराबी और तर्क – अरूण कुमार झा बिट्टू

शराबी हू यारो शराब पीता हूं गम जाम मे मिलाकर बार बार पीता हूं न गिला करता हूं न मैं सिकवा करता हूं बस जाम के सहारे जख्म सिला …

सनम-अरूण कुमार झा बिट्टू

कितने हंसी वादिया हैं कितने हंसी हैं नजारे तुम सामने मेरे बैठो भर लू मै प्यासी निगाहें इन नैनो की गहराईया क्या सागर भी इसमे समाए होठो की इन …