Author: Er. Anuj Tiwari"Indwar"

ग़ज़ल :– आये गर तेरे सिवा कोई न आये ।

ग़ज़ल :- आये तो तेरे सिवा कोई न आये ।   गज़लकार :– अनुज तिवारी “इंदवार” बहर :– 2122—2122—2122 बहरे रमल मुसद्दस सालिम   रदीफ :– कोई न आये …

गज़ल :–ये उठे तूफान अक्सर जायजा करते नहीँ ॥

गज़ल :– ये उठे तूफान अक्सर जायजा करते नहीँ ।। मापनी :– 2122–2122–2122–212 दिल में शोले जो रखे हों वो जला करते नहीँ । क्या डराएगा ज़माना हम डरा …

ग़ज़ल :–दुनियाँ वसाओ तो तुम्हें जानें !!

ग़ज़ल :– दुनियाँ वसाओ तो तुम्हे जानें !! अनुज तिवारी “इन्दवार” मेरे अरमान के गुलशन सजाओ तो तुम्हे जानें ! बेशक प्यार की रस्में निभाओ तो तुम्हें जानें !! …

मुक्तक :– आसान लम्हे हो गये !!

मुक्तक :– आसान लम्हे हो गये !! अनुज तिवारी “इन्दवार” वक्त जब बस में हुआ आसान लम्हे हो गये ! और मुश्किल वक्त पर शैतान लम्हे हो गये ! …

कलियों से मुहब्बत मत करना !!

कलियों से मुहब्बत क्या करना !! अनुज तिवारी “इंदवार” फूलों से मुहब्बत कर लेना , खुशबू का इन्हें अभिमान नहीं ! कलियों से मुहब्बत क्या करना , जिनको जौवन …

ग़ज़ल –: आँगन में आत्मसमर्पण !!

ग़ज़ल –: आँगन में आत्मसमर्पण !! गज़लकार–: अनुज तिवारी “इंदवार” आग में झुलसी दुल्हन देखा ! जितनी भी सब निर्धन देखा !! ! अम्बर के अडिग इरादों का ! …

ग़ज़ल — ज़माना ढूँढ़ते हैं !!!

ग़ज़ल — ज़माना ढूँढते हैं !! प्यास लगे तो पैमाना ढूँढते हैं ! भरी महफिल में मयखाना ढूँढते हैं !! जाम आशिकी का पीने वाले ! महबूब की बाहों …

ग़ज़ल —सुहाना प्यार का मंजर

ग़ज़ल –सुहाना प्यार का मंजर !! सुहाना प्यार का मंजर क्यों बर्बाद करती हो ! नज़र आता नहीँ या नज़रंदाज़ करती हो !! मस्त जवानी छाई जो ढल जायेगी …

ग़ज़ल –: व्यंग- काॅम्पटीशन प्यार में !!

व्यंग – काॅम्पटीशन प्यार में । (गजल) यार का मुस्किल चयन अब इश्क के बाजार में । आज कल चलने लगा है काॅम्पटीशन प्यार में ।। यूज से पहले …