Author: ANU MAHESHWARI

शिकायतें और बस शिकायतें – अनु महेश्वरी

रोज रोज केवल शिकायतें, अब अच्छी नहीं लगती है| आजकल यह भी, मज़बूर करती, सोचनें को, जिन्होनें सायद कभी, कुछ किया न हो, या फिर कर न पाए हो, …

लोग क्या कहेगें – अनु महेश्वरी

बड़ी ही उलझन है, हम सबकी ज़िन्दगी में, “लोग क्या कहेंगे”, यह बात एक न एक बार, हम सबने, अपने बड़ो से, सुनी ज़रूर होगी| कौन है यह लोग? …

आखिर जीना हम सिख ही लेते है – अनु महेश्वरी

आखिर जीना, हम सिख ही लेते है, अपने मन मुताबिक, न भी हो कुछ, अपना रास्ता, फिर भी हम बना ही लेते है, इरादे नेक हो अपने, तो भीड़ …

रोलिंग कुर्सी – अनु महेश्वरी

बैठ, रोलिंग कुर्सी पे, घड़ी की सुई को, निहारती आँखे, कभी नज़रे उठती है, दरवाजे की तरफ़, कभी टेबल पे रखें, फ़ोन की तरफ है| आस उसने अभी भी, …

रिश्तों को जीना सीखें – अनु महेश्वरी

निभाते निभाते रिश्ते भी, बोझ से लगने लगते है| आसान अगर बनाना है, रिश्तों को जीना सीखें| आप जुड़े हो, किसी भी पेशे से, एक बार उसे अपना, मान …

बयानबाज़ी – अनु महेश्वरी

कभी कभी सोचती हूँ, क्या कोई इंसान जन्म से बुरा होता होगा? कोई भी जन्म से बुरा, सायद नहीं होता है, लगता है, परिस्थितियां इंसान को बुरा बना देती …

हम जीना सीखे – अनु महेश्वरी

पहले मैं भी, बहुत शिकायतें करती थी, उलझने छोटी हो, या हो बड़ी, हमेशा उन्हें सुलझाने की, कोशिश करती रहती थी, उन्ही बातों को सोचती रहती थी, न सुलझने तक …

मीठी यादें – अनु महेश्वरी

चलते चलते इस ज़िन्दगी में, लोग भी मिलते रहेंगे राहों में, कुछ चलेंगे अपने साथ, कुछ छोड़ जाएंगे साथ, कुछ बस दो पल का ही देंगे साथ| जो छूट …

अपना हौसला बनाए रखना – अनु महेश्वरी

अपने आँसुओ को, हर किसी की बात पे, यूँ ही जाया मत करना, जिसको क़दर नहीं, फ़रक न होगा इस से, वह तो तेरा दिल दुखा, आगे बढ़ जायेंगे, …

भगवन सुन ले मेरी ये पुकार – अनु महेश्वरी

भगवन सुन ले मेरी ये पुकार, भाईचारा रहे धरा में अपार| अँधियारा मिटा के राहों से, सबके जीवन में उजाला भरदे, भगवन सुन ले मेरी ये पुकार, भाईचारा रहे …

विचारधारा – अनु महेश्वरी

सब विचारों की ही तो कहानी है, सोच सकारात्मक हो तो शांति बनी रहती , और सुकून रहता है, नकारात्मक हो तो अशांति फैलती, और नुकसान होता है| यह …

ज़िन्दगी बहुत अनमोल होती है – अनु महेश्वरी

सपने देखना या सपने बुनना अच्छी बात है, परन्तु उसमे पूरी तरह खो जाना सही नहीं है, सपने बुनने के पहले खुद को जानना जरुरी है, अपनी क्षमता को …

नारी की अभिलाषा – अनु महेश्वरी

क्या साल में एक दिन, नारी दिवस मना कर, बाकी बचे हर रोज, उसकी अवहेलना करने से, आ पायेगा परिवर्तन समाज में? वैसे तो हम देवी को भी पूजते …

मैं एक भारतीय हूँ – अनु महेश्वरी

बचपन से लेकर अबतक, जितने भी फॉर्म भरें होंगे हमने, किसी भी काम के लिए, जैसे राशन कार्ड बनवाने के लिए, या फिर पासपोर्ट बनवाने के लिए, या फिर …

भाईचारा – अनु महेश्वरी

इंसान है हम, अपनी इंसानियत को ज़िन्दा रखे, बिना वजह किसी बात को तूल देना बन्द करे। अपने फ़र्ज़ को, हम अधिकारों से ज्यादा महत्व दे, नागरिक के नाते …