Author: Er Anand Sagar Pandey

हैरां हूं:Er. Anand Sagar Pandey,”अनन्य देवरिया”

**********हैरां हूं***********   ऐ वक्त ! तेरे बदले हुए दस्तूर पे हैरां हूं, जो जख्म हुआ नासूर उसी नासूर पे हैरां हूं l     अब भी भटकता है …

धीरज जाने कब टूटेगा:Er. Anand Sagar Pandey,”अनन्य देवरिया”

मेरे सीने से भी प्यार की खुश्बू आये मुमकिन है, मेरी आंखें भी प्रियवर के स्वप्न सजायें मुमकिन है, मेरी उंगली भी सावन सी जुल्फों में खो सकती है, …

*हम एक ही दरिया के दो किनारे हैं:अनन्य*

*हम एक ही दरिया के दो किनारे हैं:अनन्य*   *”यक़ीनन कट गयी तुझ बिन ये ज़िन्दगी की सज़ा,* *मगर मत पूछ कि दिन किस तरह गुज़ारे हैं,* *मुद्दत से …

फिर यायावर हार गया:Er. Anand Sagar Pandey(अनन्य)

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा जो काला धन को रोकने के लिये ऐतिहासिक कदम उठाया गया, वह अब लोगों की नीयत से हारता दिख रहा है l …

जयचंदों से हारे हैं:अनन्य

**जय चंदों से हारे है:Er Anand Sagar Pandey**   मेरी कलम नहीं उलझी है माशूका के बालों में, मेरे लफ़्ज नहीं अटके हैं सुर्ख गुलाबी गालों में, मैने अपने …

वरना लोगों का मुहब्बत से:अनन्य

**”वरना लोगों का मुहब्बत से ऐतबार चला जायेगा”**   जिस दिन तेरी महफ़िल से ये खुद्दार चला जायेगा, उसी दिन ये सारा रौनक-ए-मय्यार चला जायेगा l   तू बेशक …

मैने लिखना छोड़ दिया है:अनन्य

**मैने लिखना छोड़ दिया है:Er Anand Sagar Pandey**   “मैने लिखना छोड़ दिया है बासन्ती जज़्बातों को, प्रियतम की बिरहा में बीती सघन अकेली रातों को, मुझको मेरे शब्दकोष …

सारा भारत गूंज उठा है::Er Anand Sagar Pandey

**सारा भारत गूंज उठा है सांपों की फुफकारों से**     लोकतंत्र जब भरा हुआ है खुद अपने हत्यारों से, तब कैसी उम्मीद करें हम इन कोढ़ी सरकारों से …

देशभक्ति का भाषण तब तक::Er Anand Sagar Pandey

**देशभक्ति का भाषण तब तक देशभक्ति को गाली है**     कंधे पर लाशों को रखकर दिनभर ढोता रहता है, मरघट के वीराने में अब भारत रोता रहता है, …

मेरी मौतों पर सरकारें:Er Anand Sagar Pandey

मेरी कलम नहीं उलझी है माशूका के बालों में, मेरे लफ्ज नहीं अटके हैं राजनीति की जालों में, मैने अपने अंदर सौ-सौ जलते सूरज पाले हैं, और सभी अंगारे …

**एक पुरानी नज़्म::Er Anand Sagar Pandey**

एक बहुत पुरानी लेकिन अज़ीज क़ाफियामय नज़्म- 212 212 212 212 **मुझे आज मुझको मना लेने दे** मुझको बिछड़े हुए मुझसे मुद्दत हुई, आज सीने से खुद को लगा …

**उन्हीं तवायफों के कोठों पर::Er Anand Sagar Pandey**

****उन्हीं तवायफों के कोठों पर**** जिन तवायफों के सिर इल्जामों की फेहरिश्त लगी मिलती है, उन्हीं के कोठों पे शहर भर की तहज़ीब टंगी मिलती है l एक तवायफ़ …

**जब तुम लौट कर आओ तो शायद::Er Anand Sagar Pandey**

**के जब तुम लौट कर आओ::स्मृति** हौसला टूट चुका है, अब उम्मीद कहीं जख्मी बेजान मिले शायद, जब तुम लौट कर आओ तो सब वीरान मिले शायदll वो बरगद …

उड़ान भरने दो::आनंद सागर

इस मंच से जुड़े सभी काबिल रचनाकारों के नाम- ****उड़ान भरने दो**** अपनी आगोश में ये आसमान भरने दो, ये नये परिन्दे हैं,इन्हें उड़ान भरने दो l ये जिन्दगी …

**जकड़ी है::आनंद सागर **

****जकड़ी है**** कुर्बानी से उपजी थी अब तस्वीरों में जकड़ी है, ऐ हिंद! तेरी आज़ादी सौ-सौ जंजीरों में जकड़ी है l हर मुफलिस की भूख ने इसको अपनी कैद …

आजाद तेरी आजादी::आनंद सागर

भारत मां के अमर पुत्र “चन्द्रशेखर आजाद” की पुण्य तिथि पर मेरी एक तुच्छ सी रचना l रचना का भाव समझने के लिये पूरी रचना पढेl” **आजाद तेरी आज़ादी …

मेरी गज़लों में तुझे ढूढ रहे हैं ज़माने वाले::आनंद सागर

**मेरी गज़लों में तुझे ढूढ रहे हैं ज़माने वाले** मेरी गज़लों में तुझे ढूढ रहे हैं ज़माने वाले, अब कहां तुझको छुपाऊं छोड़ के जाने वाले l कोई तो …

मेरा ये हुक्म है सांसों:: आनंद सागर

ताज़ा गज़ल- मेरा ये हुक्म है सांसों::Er Anand Sagar Pandey मेरा ये हुक्म है सांसों कि एहतियात रहे, वो रहे ना रहे ता-उम्र उसकी बात रहे l वो क़मर …

**ख्वाबों की फस्लें आज भी मैं बोया करता हूं**

एक पुरानी गज़ल- **ख्वाबों की फसलें आज भी मैं बोया करता हूं::गज़ल** हक़ीक़त जान ले कि रात भर मैं रोया करता हूं, बहुत हैं दाग दामन में जिन्हें मैं …

**समझदार लोग धूल फांकते हैं::आनंद सागर**

**समझदार लोग धूल फांकते हैं::आनन्द सागर** जो अपने आगे दूसरों को कम में आंकते हैं, ऐसे ही समझदार लोग धूल फांकते हैं l जिनसे अपने घर का हाल सम्भाला …