Author: anand kumar

प्यार है तो है- आनन्द

प्यार है तो है.. तुम्हारी हँसी से भी तुम्हारे गुस्से से भी तुम्हारी शिक़ायतों के हर एक हिस्से से भी मेरे चेहरे पर बिखरी तुम्हारी उन ज़ुल्फ़ों से भी …