Author: Aman Nain

माँ दुनिया मे सबसे न्यारी :-, अमन नैन

माँ दुनिया मे सबसे न्यारी लगती है स्वर्ग से प्यारी करती परवरिश बच्चो की न्यारी चरणो मे जिसके सूरज भी झूक जाए ऐसी तपस्वी है मॉ दुनिया मे मॉ …

कविता–मौज वह बचपन की, कवि- अमन नैन

मौज वह बचपन की बडी न्यारी थी होती सायं बडी प्यारी थी सुबह स्कूल दोस्तो के साथ जाते थे गलियो मे किलकारी मारते रहते थे लेकर बहाना पेट दर्द …

कविता ::— एक था गॉव कवि ::—  अमन नैन

  पुराना था जमाना एक था गॉव हमारा पनघट पर जाती थी पानी लेने औरते इक्ट्ठी बुढ्ढे बैठा करते थे महफिल लाकर चबूतरे पर किसान चलते थे खेतो मे …

कविता :– माटी मेरे खेत की, कवि:– अमन नैन

माटी मेरे खेत की  लगे स्वर्ग से प्यारी सै कुदरत से मिली मुझे सौगात न्यारी सै फर्ज माँ का यह निभा रही सै चीर कर छाती अपनी पेट हमारा …

एक नन्नी सी जान — कवि:- अमन नैन

एक नन्नी सी जान को नंगे पांव  अंगारों पर चलते देखा है  प्यारी से आँखों में उसके मैने ‌सपनों को उडता देखा है खिलौनों की छोडकर उसे तलवारों से …