Author: Abhishek Rajhans

अजीब सा इश्क़

तुम्हे कैसे बताऊँ तुम मेरे लिए क्या हो कोई ख़्वाब ही हो जिसका मुकम्मल होना मुमकिन ही नहीं तुम्हे कैसे बताऊँ तुम्हे देख कर अक्सर मैं कमजोर पड़ने लगता …

क्या तुम जानती हो..

क्या तुम जानती हो.. तुम्हारे लिए आज भी मेरा प्रेम जीवंत है और तुम्हारे प्रेम का एहसास आज भी मेरे मन को टटोलता है क्या तुम जानती हो.. तुम्हारा …

आखिर तुम क्यों चली गई

शीर्षक-आखिर तुम क्यों चली गई तुम क्यों चली गई तुम तो थी ज़िन्दगी मेरी फिर मेरी साँसे ले कर क्यों चली गईं आँखों मे बसी थी तुम फिर क्यों …