Author: Abhishek Rajhans

तस्वीर

शीर्षक–तस्वीर समय के चादर से निकाली वो तस्वीरो का अलबम वो बचपन का किस्सा वो ज़िन्दगी का हिस्सा यादो का बगीचा कुछ धुंधला सा तस्वीर में कभी आँखों का …

हिन्द की हिंदी

शीर्षक-हिन्द की हिंदी उपेक्षाओ के भंवर में दम तोडती हुई सिसकियाँ लेती हुई अपना वजूद बचाने की जद्दोजद में कभी अंग्रेजो की अंग्रेजी ने दम तोड़ा कभी अपनों ने …

तुम जो होती

शीर्षक-तुम जो होती मेरी जिंदगी में तुम जो होती साथ साथ सपनो को जीते साथ साथ अरमान पूरे करते तुम मेरी साँसों में जीती मैं तुम्हारे सपनो को जीता …

कैसन नदिया के इ पानी

शीर्षक-कैसन नदिया के इ पानी कैसन नदिया के इ पानी लील गई बचुअन के जीवन लील गयी भड़कत जवानी खेतवा डूबल घर बार छुटल चुल्हा भींगल बढ़त जाई परेशानी …

कैसी आजादी चाहिए

मेरी नयी कविता– शीर्षक–कैसी आजादी चाहिए आज हमारे देश में हर किसी को आजादी चाहिए आजादी के रंग में जो रंगा नहीं जिसे आजादी का मतलब पता नहीं वो …

तेरा इंतज़ार

शीर्षक- तेरा इंतज़ार है ये जो समंदर के जिस्म पर लहरें मचलती हैं अठखेलियाँ करती हैं मैं किनारे बैठा महसूस करता हूँ तेरी याद में समंदर बना फिरता हूँ …

सच्चे हिंदुस्तानी

जहाँ सूरज की रौशनी नहीं जहाँ होती नहीं प्राणवायु खून जम जाए जहाँ हिमखंडो से टकराकर जहाँ प्यास है पर पानी नहीं वहीँ रहते है सच्चे हिंदुस्तानी भारत के …

दूसरी निर्भया

शीर्षक–“दूसरी निर्भया” ये सच है मेरी कोई सगी बहन नहीं सालो से सुनी है मेरी कलाई हर राखी मेरी आँखों में होते हैं आंसू पर नहीं होती कहने वाली …

यही तो बिहार है

ये जो बिहार है राजनीति का कैसा यहाँ आकार है यहाँ के मुख्यमंत्री नितीश कुमार है कभी इन्हें लालटेन से प्यार है कभी इन्हें हाथ का साथ पसंद है …

जब से तुम्हे देखा

शीर्षक-जब से तुम्हे देखा जब से तुम्हे देखा दिल का परिंदा हवाबाज हुआ धक्-धक् सा आवाज हुआ दिल के कागज पे तेरा- मेरा हिसाब हुआ जब से तुम्हे देखा …