Author: Abhishek Rajhans

मुझे अब फ़र्क नहीं पड़ता

तेरे होने या ना होने से मुझे अब फर्क नहीं पड़ता तुम्हे ऑनलाइन देखने के लिये अब रात- रात भर नहीं जगता जज्बात मेरे भीतर का जो था तुम्हे …

जो भी किया, अच्छा ही किया

तुमने जो किया ,ठीक ही किया तुमने जो भी समझा ,ठीक ही समझा बेकार में ही दिल लगाने निकला था मैं तुमने अक्ल से दिल ठिकाने लगा दिया होश …

मेरी पहली कहानी का दूसरा हिस्सा

समय बहुत तेजी से बदलता है ना, दोस्तो! कब क्या हो जाये कौन जानता है ,किसे खबर होती है । नाज़िया और मैं अब अच्छे वाले दोस्त बन गए …

मेरी पहली कहानी का पहला हिस्सा-“कौन किसे कबूल”

मेरी पहली कहानी-कौन किसे कबूल ये तकरीबन कुछ दस साल पहले की बात थी ,जब मैं ग्यारहवीं में पढ़ता था , गणित में थोड़ा फ़िसड्डी था इसलिए जीवविज्ञान पढ़ने …