सियासत की गली गन्दी

सियासत की गली गन्दी उसे अब साफ़ करना है |
गरीबों और लाचारों का अब इन्साफ करना है ||
जकड़न बाज पंजे की असह्य पीड़ा बनी अब तक |
मरण अब बाज का निश्चित नहीं अब माफ़ करना है ||

हरण कितना किया धन का वो काला धन मगायेंगे |
अब इन बाज पंजों पर हथौड़ा भी चलायेगें ||
समय उन पर मेहरबाँ था तो सीता हरण कर लाये |
समय अब राम का आया तो रावण को मिटायेंगे ||

अन्ना और बाबा की सियासत से ठन चुकी है |
घननाद रावण की मृत्यु लंका बन चुकी है ||
कभी लंका की शक्ती से बाबा थे हुए मूर्क्षित |
अमर संजीवनी शक्ती अब उन में जन चुकी है ||

युद्ध हो धर्म का या फिर अधर्मी ज्वाल बन जायें |
अब नर इन्द्र के मेघा गगन पर है हुए छाये ||
अस्त्र कोई चले घननाद का तो अब न कुछ होगा |
लक्ष्मण की जगह पर अब दो यती युद्ध को आये ||

ज्यादा अब कहें क्या हम गम का मातम ढल चुका है |
अटल वो सुर्य पूरब में सुभाषित हो खिल चुका है ||
रात्रि के आगमन से जो कँवल दल बंद थे अब तक |
उन्हें नर इन्द्र सर में अब सूर्य दर्शन मिल चुका है ||

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acharya shivprakash awasthi

योगदानकर्ता ::

नाम -आचार्य शिवप्रकाश अवस्थी, पिता -पंडित शम्भूदयाल अवस्थी, जन्मस्थान -देवपारा पोस्ट- निघुवामाऊ वाया परसदा जिला -सीतापुर उत्तरप्रदेश, शिक्षा -बी.ए, बी एड ,शिक्षविशारद ,आचार्य, रुचियाँ -साहित्य, संगीत, कला,धर्म ,आध्यात्म ,दर्शन ,मनोविज्ञान ,शिक्षा, कर्मकांड ,पूजापाठ ,ज्योतिष एवं शेरो शायरी तथा सामाजिक व धार्मिक कार्य वर्तमान समय में आचार्य जी ग्रेटर नॉएडा उत्तर प्रदेश में श्री महाशक्ति ज्योतिष शिक्षा केंद्र चलाकर ज्योतिष शिक्षा का प्रचार प्रसार तथा धार्मिक अनुष्ठानो के द्वारा लोगो का कल्याण कर रहे है |आचार्य जी की प्रमुख कृतिया -मैं कवि हूँ ,जीवन, प्रेम यज्ञ ,विधिलेख,जीवन रंगमंच ,ज्योतिष मंजरी,आदि हैं |वर्तमान समय में आचार्य जी ज्योतिष के सिद्वान्तो को चौपाई ,दोहा तथा छंदों में लिखकर ज्योतिष प्रेमियों को लाभान्वित कर रहे हैं |मोबाइल नंबर - 09582510029, 09412224548 |

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