अब छोड़ भी दो

शीर्षक-अब छोड़ भी दो
हे मेरे प्रियतम
हे मेरे पति परमेश्वर
तुम हो मेरे प्यार
हम है तेरे परिवार
मत कर अब अत्याचार
छोड़ दोे शराब
होगी तबियत ख़राब
तुमसे हैं बंधी मेरे साँसों की डोर
अब छोड़ भी दो
शराब पीने की होड़
तुमसे है मेरा गठजोड़
कितने परिवार बिखर गए
बाल-बच्चे सब बिलख गए
तुम तो करते अपने बच्चो से प्यार
अब छोड़ भी दो ये व्यभिचार
सजन तुमसे करती मैं प्यार
कमला ताई की बेटी
रोती है रोटी-रोटी
पति मारता
गाली देता
बहुत करता अत्याचार
दिन भर बैठा पीता शराब
नहीं रखता कोई हिसाब
जाने कैसा है वो कसाई
बाप को नहीं देता दवाई
उसकी दशा देख पतिदेव
आँखे मेरी भर भर आई
छुट गयी मुझसे रुलाई
तुम तो करते मुझसे प्यार
अब छोड़ भी दो शराब
अब छोड़ भी दो शराब—–अभिषेक राजहंस

5 Comments

  1. Madhu tiwari madhu tiwari 23/07/2017
  2. C.M. Sharma babucm 24/07/2017
  3. chandramohan kisku chandramohan kisku 24/07/2017
  4. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 24/07/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 25/07/2017

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