दोस्त – अरूण कुमार झा बिट्टू

बच्चपन के दोस्त कही जब मिल जाते हैं।
दिल मे दबे भाव भी लव पे खिल जाते हैं।
गम्भीरता बातो से जाने कहा जाती हैं।
बच्पन की बातो मे बच्चपन लौट आती हैं।

जोर जोर से बाते और ठहाके लगते हैं।
बीच बीच के टोन बड़े मीठे लगते हैं।
मास्टर जी के बातो की खिल्ली उड़ती हैं।
कुछ पल तो खुशियो की ही आंधी चलती हैं।

हर दर्द और फिकर जाने कहा सो जाती हैं।
गमो से भरी दुनिया में खुशिया लौट आती हैं।
ऐ दोस्त युही आते जाते तुम मिलते रहना।
दर्द भरी दुनिया हैं, खुशिया चुनते रहना।

14 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 23/07/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 23/07/2017
  3. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 23/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 23/07/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 23/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 23/07/2017
  5. Madhu tiwari madhu tiwari 23/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 23/07/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 23/07/2017
    • arun kumar jha arun kumar jha 25/07/2017
  7. C.M. Sharma babucm 24/07/2017
  8. arun kumar jha arun kumar jha 25/07/2017

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