क्या लिखा था उसने ख़त में

क्या लिखा था उसने ख़त में

मेरे दोस्त मेरे हमदम
तुम बुरा मत मान जाना
ये शौक है हमारा
पुराने रिश्तो को छोड़, नए बनाना

सब से हंसकर बात करना फितरत है हमारी
शायद ये तुम्हारी भूल थी की हम चाहत हैं तुम्हारी
मेरे हमदम मेरे दोस्त
तुम बुरा मत मान जाना
ये आदत है हमारी
पुराने लिबास बदल कर नए पहन लेना

दो -चार मुलाकातों और प्यार भरी बातो को
तुम क्या न जाने क्या समझ बैठे
की हम गवां बैठे हैं दिल अपना आपके हाथो
मेरे दोस्त मेरे हम दम
तुम बुरा मत मान जाना
ये रवायत है मेरी लोगो के दिल को तोड़ कर आगे बढ़ जाना !!

11 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 22/07/2017
  2. Anderyas Anderyas 22/07/2017
  3. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 22/07/2017
  4. Neeraj 22/07/2017
  5. Madhu tiwari Madhu tiwari 22/07/2017
  6. arun kumar jha arun kumar jha 22/07/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 22/07/2017
  8. Anderyas Anderyas 22/07/2017
  9. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/07/2017
    • Anderyas Anderyas 23/07/2017

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