समय

समय की मार ने मुझको ऐसा मारा,

आज मैं खुब रोया और पश्चताया।

सच कहते थे पापा और मम्मी,

बेटा तुम समय के मोल को पहचानो।

तुम अगर समय के साथ नहीं,

तो समय भी तुम्हारे साथ नहीं।

सच कहते थे स्कूल में टीचर,

समय बड़ा अनमोल रत्न है।

इसे तुम अपने हाथों से पकड़ो,

इससे तेरी तकदीर छिपी है।

अगर तुने इसे कसकर पकड़ा,

तो जीवन तेरा सवर जाएगा।

पर मैं नादान सा बालक,

इसका मोल समझ न पाया,

इसलिए आज मैं खुब रोया और पश्चताया।

5 Comments

  1. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 20/07/2017
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/07/2017
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 20/07/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 21/07/2017
  5. arun kumar jha arun kumar jha 21/07/2017

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