Yaha Asamaya ki rati hai (यह असमय की रति है)

यह असमय की रति है

तुम्हारे बीच जो खिंचाव है,
वह सिर्फ माया है
भला जो चीज है ही नहीं
उसे भी किसी ने पाया है
खिंचाव असमय की रति है
जो खिंच जाए उसकी
मारी गई मति है ।

भला बचपन का प्यार
आजतक किसी ने पाया है
इसे तो खैर जवानी में पाके भी
हर कोई पछताया है
प्यार असमय की रति है
जिसे हो जाए प्यार उसकी
मारी गई मति है ।।

ऑनलाइन होने का जो चढ़ा है भुखार
इसके चक्कर में फस गया संसार
जिस खुखाराम का कोई उत्तर नहीं देता
उसी की फ़र्ज़ी प्रोफाइल एंजेल पे दुनिया मरती है
ऑनलाइन वाले बनना असमय की रति है
जो चला गया ऑनलाइन उसकी
मारी गई मति है ।।।

दोस्त हमारे कमीने है
नागिन नहीं पूरे नगीने हैं
लोग कहते है दूर रहो कमीनो से
प्रेम करो जीवन में आने वाले उज्जवल महीनो से
एक पल सोचे बिना हमने कह दिया
गधे में दिमाग कभी हो नहीं सकता
दोस्त अलग हमारा हो नहीं सकता
क्योंकि जो दोस्त ना हो कमीना
वो कमीना दोस्त हो नहीं सकता ||||

द्वारा – मोहित सिंह चाहर ‘हित’

6 Comments

  1. angel yadav Anjali yadav 19/07/2017
    • hitishere Mohit Chahar 19/07/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/07/2017
    • hitishere Mohit 20/07/2017
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/07/2017
  4. C.M. Sharma babucm 20/07/2017

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