नाजुक कंधे

छोटे बच्चे नाजुक कंधे,

नाजुक कंधे भारी बस्ते,

बोझ कैसे उठाऊ मैं,

रोज सुबह मम्मी मुझे जगाती,

दौड़ा दौड़ा कर ब्रश कराती,

रगड़ रगड़ कर मुझे नहलाती,

कभी चिलाती कभी मारती,

लेकिन वह समझ नहीं पाती,

दादी तुम उसको समझाओ ना,

उसकी मार से बचाओ ना,

व तो दिन भर घर मे रहती,

टीवी देख देख मन बहलाती,

मेरे कंधे नाजुक है,

टीचर को यह बताओ ना,

स्कूल में भी नहीं देती खेलने,

घर पर मम्मा कहती पढो पढो,

तुम मेरे संग खेल खेल कर,

मेरा मन बहलाओ ना,

मुझको तुम रोज न ई

कहानी सूनाओ ना,

छोटे बच्चे नाजुक कंधे,

नाजुक कंधे भारी बस्ते

तुम सबको यह समझाओ ना।

 

 

 

10 Comments

  1. angel yadav Anjali yadav 19/07/2017
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2017
  3. hitishere Mohit Chahar 19/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2017
  6. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 20/07/2017
  7. C.M. Sharma babucm 20/07/2017

Leave a Reply