कामयाबी – बिन्देश्वर प्रसाद शर्मा बिन्दु

जब भी कोई ख्यालों के समन्दर में बहकर चला जाता है

कुछ पल के लिए ही  सही  वह दिल में उतर आता है  ।

ढूंढता है मोती जैसा कुछ मिल जाये, चिन्तन करता है

आखिर ढूंढ ही लेता है अपनी कामयाबी निखर जाता है ।

 

 

5 Comments

  1. babucm babucm 19/07/2017
  2. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/07/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/07/2017
  5. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/07/2017

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