उसकी खुशियाँ By Alok Upadhyay

वो मूझे देख मुस्कुराती हैं

वो मेरी बातों पे हँसे ,

जो खुशियाँ मैं नही दे सकता अपनी पगली को ,

हे ऊपरवाले

कैसे भी कहीं से भी

वो खुशियाँ तूं लाके दे उसे ।

 

बहाने ना बना

तेरे लिए ये आसान हैं ,

हो भी क्यों ना

तूं सबका भगवान हैं ,

ऐसी कोई जगह नही

जहाँ तेरी ना चलें …,

जो खुशियाँ मैं नही दे सकता अपनी पगली को ,

हे ऊपरवाले

कैसे भी कहीं से भी

वो खुशियाँ तूं लाके दे उसे ।

 

ये मत सोच मै तेरे दर पर अपने लिए आया हूँ ,

कोई और हैं मेरे आने की वजह जो आज सर झुकाया हूँ ,

ऐ मेरे आँचल के दर्द

तेरी खुदकुशी में ही मेरी खूशी हैं

मेरे लिए मर नही सकता ,

अब उसकी जिंदगी मे जो भी दर्द हैं

वो मूझे आ डसे …,

जो खुशियाँ मैं नही दे सकता अपनी पगली को ,

हे ऊपरवाले

कैसे भी कहीं से भी

वो खुशियाँ तूं लाके दे उसे ।

 

अभी -अभी अपनी क़िस्मत की झोली देखी

अरे

बहुत खुशियाँ दे रखी हैं तूने मुझको ,

यही खुशियाँ उसकी उस पगली की झोली में भर दे

तब जानूँ तुझको ,

काटें हो जो उसके राहों मे

उन राहो पर मेरे पाँव चलें …,

जो खुशियाँ मैं नही दे सकता अपनी पगली को ,

हे ऊपरवाले

कैसे भी कहीं से भी

वो खुशियाँ तूं लाके दे उसे ।

 

एक-एक आँसू का हिसाब देगा

अगर उसके एक भी आँसू निकले ,

जो गलतियाँ उसने की हों

उसकी सजा भी मूझे मिले ,

कभी वो मेरे दुखों का सहारा बने

कभी वो मुझसे प्यार से लडे …,

बस

जो खुशियाँ मैं नही दे सकता अपनी पगली को ,

हे ऊपरवाले

कैसे भी कहीं से भी

वो खुशियाँ तूं लाके दे उसे ।

 

 

 

 

5 Comments

  1. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 18/07/2017
  2. babucm babucm 19/07/2017
  3. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 19/07/2017
  4. Madhu tiwari Madhu tiwari 19/07/2017
  5. aanchal 22/07/2017

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