मैं भी हड़ताल पर जाउँगा

  • मच्छर दादा, मच्छर दादा
  • कूड़े कचरे मे रह कर तुम
  • इतनी हिम्मत कहाँँ से लाते हो।
  • निज रोज रात को आते हो
  • मीठे मीठे तान सुनाकर,
  • हमें नींद से जगाते हो।
  • फिर तुम हमें काट कर
  • मेरा खून पी जाते हो।
  • क्या तुमको सरकार ने
  • नाईट सिफ्ट पर रखा है।
  • तुम जिस सरकार के कर्मचारी हो
  • उससे तुम इतना कहना
  • मुझे अब गरीबो का खून नही पीना।
  • क्योंकि उसमें वह स्वाद नहीं
  • और अमीरों के घर न जाना मुझको
  • क्योंकि वहाँ मेरी मौत खड़ी।
  • इसलिये मुझको मैंगो ,लेमन जूस चाहिए अभी
  • नहीं तो मैं भी हड़ताल पर जाऊँगा।
  • अगर मेरी बात नहीं मानी गई तो
  • अपने संग संग डेंगू, मरेलिया को भी ले जाऊंगा।

भावना कुमारी

12 Comments

  1. Madhu tiwari Madhu tiwari 17/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 17/07/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 17/07/2017
  3. arun kumar jha arun kumar jha 17/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 17/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 17/07/2017
  4. Bhawana Kumari Bhawana Kumari 18/07/2017
  5. babucm babucm 18/07/2017
    • Bhawana Kumari Bhawana Kumari 19/07/2017

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