बरगद की झूलती जटाएँ

गाँव के किनारे
गाँव के किनारे है बरगद का पेड
बरगद की झूलती जटाएँ

कैसी रे झूलती जटाएँ
झूलें बस भूमि तक न आएँ ।

ऐसे ही लडके इस गाँव के
कहने को पास चले आएँ

बाँहें फैलाएँ
झुकते आएँ

मिलने के पहले पर
लौट-लौट जाएँ
बरगद की झूलती जटाएँ ।

Leave a Reply