नाचे झूम झूम के – मधु तिवारी

सावन की रिमझिम बारिश मे मितवा
मन मोरा नाचे झूम झूम के
शीतल पवन लहराये सांवरिया
अंग अंग मोरा चूम चूम के

तड़पी है खूब धरा उमस तपन से
जली है बदरा की बिरहा अगन से
मगन मेघ गर्जन को सुन सुन के
मन मोरा नाचे झूम झूम के

ओढ़े धरती चूनरी को धानी
बदरा राजा की बनी है रानी
सजना को खोजे है घूम घूम के
मन मोरा नाचे झूम झूम के

पानी की बूदे गिरे जो तन मे
आग लग जाये मेरे बदन मे
जले दिल बिरहा मे गुन गुन के
मन मोरा नाचे झूम झूम के

रचनाकार – मधु तिवारी
कपसदा छत्तीसगढ़

18 Comments

  1. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 16/07/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 16/07/2017
  2. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 16/07/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 16/07/2017
  3. angel yadav Anjali yadav 16/07/2017
  4. arun kumar jha arun kumar jha 16/07/2017
  5. C.M. Sharma babucm 16/07/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 17/07/2017
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 17/07/2017
  7. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 17/07/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 18/07/2017
  8. Rakesh Pandey 17/07/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 18/07/2017
    • Madhu tiwari Madhu tiwari 18/07/2017

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