कविता :– जलवा तेरे हुस्न का, कवि:– अमन नैन

  • यादे वो तेरी
    लगती है बहुत प्यारी
    वो लबो का बोलना
    जो मेरा दिल
    कभी ना भूल पाएगा
    चहरे की वो मासूमियत
    फूलो की तरह वो मुस्कान
    कभी ना मुरझाए गई
    महकती खुशबु वो बदन की
    नशा वो आँखों का
    कभी ना उतरेगा
    तेरा बात बात पर रूठना
    साथ बैठ कर वो
    सपनो का घर बनाने
    कभी ना मिट पाएगा
    गरूर वो जवानी का
    आग लगता पानी को
    जलवा तेरे हुस्न का
    बदल गया मेरी जिंदगी को
    अमन के लेखों की
    नई कहानी को लिख गया

9 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 13/07/2017
    • Aman Nain Aman Nain 13/07/2017
  2. डी. के. निवातिया डी. के. निवातिया 13/07/2017
    • Aman Nain Aman Nain 13/07/2017
  3. chandramohan kisku chandramohan kisku 13/07/2017
    • Aman Nain Aman Nain 14/07/2017
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 13/07/2017
    • Aman Nain Aman Nain 14/07/2017

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