मुस्कुरा कर तो देखो

है एहसास की गम से
भरा है दुनिया
होकर यू मासूम
सिसकता है हर कोई
पर एक प्यार खुशी को
बिखरा कर तो देखो
खुद मुस्कुरा कर तो देखो….

रुका है हर कोई
मंजिल की चाह में
चिरक जाते है पैर
गम की छाव में,मगर
इन मायुसी में भी
कभी गुनगुनाकर तो देखो
खुद मुस्कुरा कर तो देखो…..

है कोई अपना भी पर
ना उनकी पहचान कोई
इन हजारों के भीड़ में
खुद को जता कर तो देखो
खुद मुस्कुरा कर तो देखो….

रचनाकार:-मु.जुबेर हुसैन

10 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 08/07/2017
    • md. juber husain md. juber husain 08/07/2017
  2. Madhu tiwari madhu tiwari 08/07/2017
  3. chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2017
  4. chandramohan kisku chandramohan kisku 08/07/2017
    • md. juber husain md. juber husain 09/07/2017
  5. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 08/07/2017
  6. arun kumar jha Arun kumar jha 09/07/2017
  7. babucm babucm 10/07/2017
  8. SARVESH KUMAR MARUT SARVESH KUMAR MARUT 10/07/2017

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