तेरी यादे,,,,

तेरी यादे,,,

लिपटा रहूँ तेरी आँचल से
लिपटा रहूँ तेरी बातों में
तेरी यादों में खोया रहा
ना होश रहा ना खुद की।

तेरी ज़ुस्तज़ु, तेरी आरजू
तेरी सितम मैं सहता रहा
तस्वीरें तुम्हारी दिल में थी
इसलिए तेरी यादों में
आँसू भी आता रहा।

हर एक में, तेरा चेहरा
नाजनिय सा लगे
तेरी यादों चलता रहा
सूरज की रोशनी भी चाँदनी सा लगे।

तू हर्ष चाँदनी भी,उदासी सा लगे
टिमटिमाते तारे भी,सहारे की बूंद सा लगे।

तुम्हारी आँखों मे भी मेरी तस्वीर बन जाए
तुम्हारी यादों ने ही मेरी तक़दीर बन जाए
आईना बन जाऊ मैं तुम्हारा
बस दिल में तुम्हारी तस्वीर बन जाए।

लिपटा रहूँ तेरी आँचल से
लिपटा रहूँ तेरी बातों में
तेरी यादों में खोया रहा
ना होश रहा ना खुद की।

रचनाकार;-मु.जुबेर हुसैन

4 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar Prasad sharma 08/07/2017
  2. Madhu tiwari Madhu tiwari 09/07/2017
  3. babucm babucm 10/07/2017

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